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दिव्या मर्डर मिस्ट्री में एक संदिग्ध की तलाश

Mon, 07 Sep 2015 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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दिव्या तिवारी की मर्डर मिस्ट्री चार रोज बाद भी पुलिस सुलझा नहीं सकी है। इस कत्ल के मुख्य संदिग्ध मोहित जैन से लगातार पूछताछ में कोई नतीजा नहीं निकला और वह खुद को बेगुनाह ही बताता रहा है। कत्ल का कोई कारण भी पुलिस नहीं खोज सकी है। ऐसे में पुलिस ने अब एक नए एंगल पर जांच आगे बढ़ा दी है। मोहित ने गोली मारने वाले शख्स का जो हुलिया बयां किया, पुलिस ने उसी हुलिए का एक युवक को खोज निकाला जो नैनी इलाके का ही रहने वाला है। सोमवार रात तक पुलिस उसे पकड़ने की कोशिश कर रही थी। औद्योगिक क्षेत्र थाने की पुलिस ने दिव्या से व्हाट्स एप पर चैटिंग करने वाले एक छात्र को भी नैनी इलाके से हिरासत में लेकर दिन भर पूछताछ की हालांकि वह भी कुछ नहीं बता सका है।
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बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े चार बजे अरैल-सड़वा मार्ग पर ओमेक्स सिटी के पास 20 साल की दिव्या तिवारी की गोली मारकर हत्या में पुलिस ने दो घंटे बाद ही मोहित जैन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी। मोहित ही दिव्या को सिविल लाइंस स्थित कोचिंग से बाइक पर लेकर आया था। मगर उसे नैनी में चक दोंदी के पास डॉक्टर कॉलोनी में उसके घर पहुंचाने की बजाय वह उसे अरैल मार्ग से ओमेक्स सिटी के पास सुनसान में ले गया जहां गले पर गोली मारकर दिव्या की हत्या कर दी गई। मोहित वहां से भागकर इंदलपुर गांव में अपने घर गया और पिता मनोज जैन को इस बारे में बताया तब उन्होंने फोन से दिव्या के भाई रजनीश को खबर दी। पुलिस ने मोहित को औद्योगिक क्षेत्र थाने लाकर पूछताछ की। आईजी जोन बीबी शर्मा और एसएसपी केएस इमैनुएल ने उसे मौके पर ले जाकर भी घटना का नाट्य रूपांतरण किया। मगर मोहित यही कह रहा है कि वह दिव्या को लेकर जा रहा था तभी बाइक पर पीछे से आकर एक युवक ने उसे गोली मारी थी।

 दिव्या बाइक से गिरी तो वह घबराकर वहां से भाग गया था। काफी पूछताछ के बाद पुलिस ने दूसरे एंगल पर जांच शुरू की है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि पंकज ओमेक्स सिटी के पास सुनसान में दिव्या के साथ बैठा था तभी वहां आए स्थानीय अराजक तत्वों ने दिव्या से खींचतान की। दिव्या ने भरपूर प्रतिरोध किया तो उसके गले पर गोली मार दी। या संभव है कि उसे डराने के लिए गले पर तमंचा सटाकर खींचतान की और तभी फायर हो गया। यह तो साफ है कि दिव्या को घसीटा गया जिससे उसके कमर जांघ, घुटने पर चोट पहुंची और लैगी फट गई थी। इसी दौरान मोहित वहां से बाइक पर भाग निकला। मोहित ने गोली मारने वाले शख्स का जो हुलिया बताया है, पुलिस ने तकरीबन उसी हुलिए के एक युवक के बारे में पता लगा लिया है। उसे दबोचने की कोशिश हो रही है। पुलिस ने सोमवार को नैनी में जायसवाल नगर से एक छात्र को थाने लाकर पूछताछ की जो दव्यिा से व्हाट्स एप पर चैट करता था। हालांकि उसने कहा कि वह दिव्या से करीब तीन महीने से नही मिला। व्हाट्स एप पर बात करता था। उस रोज सुबह भी बात की थी मगर कुछ और नहीं जानता।
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दिव्या ने मोहित जैन का नंबर अपने मोबाइल में एमजे नाम से सेव किया था। दिव्या के मोबाइल पर व्हाट्स एप चैटिंग से पता चला कि एमजे यानी मोहित जैन से उसकी चैटिंग कुछ ही दिनों से शुरू हुई थी। चैटिंग से यह भी मालूम हुआ कि दिव्या ने ही बातचीत के दौरान बुधवार को एमजे से कल यानी बृहस्पतिवार को कोचिंग के बाद तीन बजे मिलने के लिए कहा। मोहित को यह भी नहीं पता था कि उसकी कोचिंग कहां है। दिव्या ने ही बताया कि कोचिंग कंपनी बाग के पास है। उसने तीन बजे मोहित से हनुमान मंदिर के पास मिलने के लिए कहा था। व्हाट्स एप चैटिंग से यह भी साफ हुआ कि मोहित ने कहा था कि वह उससे मिलने के लिए कार की बजाय बाइक लेकर आएगा। दिव्या ने मोहित से कहा था कि वह तीन से साढ़े चार बजे तक उसके साथ रह सकती है। मोहित को तीन बजे आने में कुछ देर हुई तो दिव्या ने लिखा-महान है तू...फर्स्ट डे ही वेट करा दिया। 15 मिनट हो गए और तू अभी भी गायब...। व्हाट्स एप की इस बातचीत से पता चलता है कि दिव्या और मोहित की चोरी-छिपे यह पहली मुलाकात थी। वैसे मोहित पहले भी दिव्या से उसके घर पर मिल चुका था क्योंकि वह उसके भाई रजनीश तिवारी से ट्यूशन पढ़ने जाता था।
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