थरवई के कोड़सर गांव में रविवार रात मजदूर के परिवार को असलहे के बल पर कमरे में बंधक बनाकर बदमाश लाखों की नगदी और जेवर लूट कर फरार हो गए। देररात गांव में डकैती की घटना से खलबली मच गई। रात मजदूर का परिवार दहशत में घर में दुबका रहा। सुबह होने पर गांव वालों की डकैती की बारे में बताया तो कंट्रोल रूम को खबर दी गई। डकैती की सूचना पर सीओ, एसओ थरवई और फील्ड यूनिट मौके पर पहुंची। जांच के बाद घर से कुछ दूर पर टूटा हुआ बक्शा और अटैची मिली।
थरवई के कोड़सर गांव निवासी सज्जन भारतीय मजदूरी करते हैं। वह रविवार रात सज्जन, उनकी पत्नी और दो बेटियां घर के बाहर सो रही थीं। बेटा और बहू छत पर थे। रात लगभग दो बजे पीछे का पुराना दरवाजा तोड़कर आधा दर्जन नकाबपोश बदमाश घर से गैलरी में होते हुए बाहर आ गए। बदमाशों ने तमंचा निकाल लिया और सज्जन को लात-घूंसों से पीटने लगे। शोर सुनकर बेटा नागेंद्र छत से नीचे आ गया तो बदमाशों ने विरोध पर उसे भी पीटा।
सज्जन और नागेंद्र की पिटाई देखकर घरवाले दहशत में आ गए। परिजनों ने घर की चाभी दे दी। बदमाशों ने सज्जन और परिवार के दूसरे सदस्यों को एक कमरे में बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाशों ने दो बक्शा और अटैची लेकर भाग निकले। चूंकि सज्जन का घर अकेले में पड़ता है। आसपास घर नहीं है। दहशत में घरवाले कमरे में दुबके रहे। सुबह गांव वालों को घर में डकैती पड़ने की खबर दी तो गांव के लोग सुनकर सन्न रह गए। सूचना पर एसओ थरवई सत्येंद्र सिंह, सीओ फूलपुर एमपी सलोनिया, फील्ड यूनिट मौके पर पहुंची। पूछताछ में सज्जन ने बताया कि बदमाश 15 हजार रुपया नगद, बहू और बेटी का लगभग तीन तोला सोना और डेढ़ किलो चांदी के जेवर ले गए है। बदमाश आधा दर्जन की संख्या में थे। वे नकाबपोश थे। आश्ंाका है कि डकैतों ने रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया है।