जेएनयू के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए बृहस्पतिवार दोपहर कलेक्ट्रेट परिसर में देश विरोधी नारे लगा रहे वामपंथी संगठनों के लोगों की वकीलों से झड़प हो गई। देश के खिलाफ नारेबाजी से नाराज वकीलों और विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों की बीच मारपीट हो गई। वकीलों ने नारेबाजी कर रहे लोगों को दौड़ाकर पीटा। हमले में कई लोग जख्मी हो गए। मारपीट में वकीलों को भी चोट पहुंची। इस घटना की खबर पाकर पुलिस फोर्स के साथ कई अधिकारी वहां पहुंचे और स्थिति संभाली। कर्नलगंज थाने में दोनों तरफ से हमले की तहरीर दी गई है।
वामपंथी संगठन भाकपा (माले) न्यू डेमोक्रेसी, माकपा के साथ ही पीयूसीएल के लोगों ने कन्हैया की गिरफ्तारी के विरोध में बृहस्पतिवार दोपहर जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना दिया था। उनमें महिलाएं भी थीं। वे नारे लगा रहे थे। बगल में ही जिला अदालत है, जहां से आकर कुछ वकीलों ने नारेबाजी पर आपत्ति की। वकीलों का कहना है कि धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों ने देश विरोधी और पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए। इसके विरोध पर वकीलों और प्रदर्शनकारियों में झड़प हो गई। मारपीट होने लगी तो बड़ी संख्या में वकीलों ने आकर प्रदर्शनकारियों पर हमला बोल दिया। उन्हें दौड़ाकर पीटा और बैनर-पोस्टर छीनकर जला दिए।
कई प्रदर्शनकारी और वकील जख्मी हो गए। वकीलों में गुस्सा देख सभी प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट से भाग गए। खबर पाकर कई पुलिस अधिकारी भी फोर्स के साथ आ गए। बाद में दोनों पक्षों की तरफ से कर्नलगंज थाने में तहरीर दी गई। हालांकि पुलिस ने फिलहाल एफआईआर नही लिखी है। प्रदर्शनकारियों ने कर्नलगंज थाने पहुंचे एडीएम को कन्हैया की गिरफ्तारी के विरोध में ज्ञापन दिया।