लूकरगंज इलाके में15 रोज पहले अजय गौतम की हत्या कर उसकी लाश झलवा के पास सेना के जंगल में ठिकाने लगाने की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्याकांड में तीन लोगों को गिरफ्तार कर कत्ल में प्रयुक्त रॉड, मृतक का मोबाइल फोन और स्कूल बस बरामद की है। धूमनगंज पुलिस का दावा है कि आधी रात लूकरगंज के एक मकान से सामान चोरी करते देख लेने पर यह कत्ल किया गया था।
लूकरगंज में रहने वाले 23 वर्षीय अजय गौतम का शव दो फरवरी को राजरूपपुर और झलवा के बीच सेना के जंगल में मिला था। उसके सिर और चेहरे पर घाव थे। अजय लूकरगंज के एक रेस्टोरेंट और बर्फखाना में काम करता था। एक फरवरी की रात वह बर्फखाना से निकलने के बाद से लापता था। उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ बता रहा था। शव मिलने के बाद सीओ सिविल लाइंस राजवीर सिंह के नेतृत्व में धूमनगंज पुलिस ने कई पहलुओं पर जांच शुरू की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने अजय का मोबाइल सर्विलांस पर लगा दिया।
घटना के दो दिन बाद दूसरा सिम लगाकर मोबाइल ऑन किया गया। पुलिस ने आईएमईआई नंबर के जरिए सिम का नंबर पता लगाकर छानबीन शुरू कर दी। एसएसपी केएस इमेनुएल ने बताया कि मंगलवार दिन में करीब 11.30 बजे धूमनगंज पुलिस को सूचना मिली कि अजय के कत्ल में शामिल तीन लोग ट्रिपल आईटी के पास मौजूद हैं। मुखबिर के इशारे पर इंस्पेक्टर एमएस देव ने उपनिरीक्षक आलोक यादव और राकेश तिवारी के साथ घेरकर तीनों संदिग्ध कातिलों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास अजय का मोबाइल फोन भी मिल गया। तीनों से थाने में पूछताछ की गई तो अजय हत्याकांड का खुलासा हो गया।
पकड़े गए आरोपियों में त्रिवेणीपुरम झूंसी का अनिल कुमार तथा जयरामपुर पटपर धूमनगंज के गोलू भारतीय और टिंकू भारतीय है। इनमें टिंकू भरवारी स्थित एक स्कूल की बस चलाता था। बाकी दोनों पेंटर हैं। पकड़े गए तीनों अपराधियों ने कुबूला कि वे अक्सर सूने घरों में चोरी करने जाते हैं। चोरी के लिए टिंकू अपने स्कूल की बस ले आता था। एक फरवरी की रात भी वे तीनों लूकरगंज में एक वकील के घर में चोरी करने गए थे। वे तीनों नशे में थे। उस मकान से निकाले गए बाकी सामानों समेत गैस सिलेंडर बस में लाद रहे थे, तभी उनका परिचित अंकित आ गया जो लूकरगंज झोपड़पट्टी में रहता है। वह उनके साथ खड़ा था तभी रात दो बजे बर्फखाना में काम करने के बाद लौट रहा अजय गौतम पहुंच गया। वह अंकित को पहचानता था। उसने अंकित को वकील के घर से चोरी कर निकाले सामान को बस में लाद रहे बदमाशों के साथ देखा तो बिफर गया। उसने कहा कि तुम लोग चोरी करते हो।
तुम सब की ऐसी-तैसी करा दूंगा। इस पर घबराए चोरों ने अजय के सिर पर रॉड और जैक से हमला कर दिया। वह बेहोश होकर गिरा तो उसे उठाकर बस में लादा। वहां से उसे राजरूपपुर के आगे झलवा के पास आर्मी ट्रेनिंग स्कूल के जंगल में ले गए। वहां उसके सिर पर ईंट से कई प्रहार कर यह पक्का किया कि वह जिंदा नहीं रहा। फिर उसका मोबाइल फोन लेकर तीनों बस में भाग निकले थे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की राड भी बरामद कर ली। शव ठिकाने लगाने में इस्तेमाल स्कूल बस भी जब्त की गई है।