तालाब पर अतिक्रमण हो गया और अफसरों को इसकी भनक भी नहीं लगी। अमूमन तालाब पर कब्जे की शिकायत के बाद जब ऐसे मामलों में छानबीन की जाती है तो संबंधित अफसर और कर्मचारी खुद को बचाने के लिए ऐसे मामलों से पल्ला झाड़ लेते हैं। मंगलवार को कमिश्नर राजन शुक्ला फूलपुर तहसील दिवस का निरीक्षण करने पहुंचे तो ऐसा ही एक मामला सामने आया। पूछताछ में अफसरों और कर्मचारियों ने अनिभिज्ञता जताई तो कमिश्नर ने लेखपाल को निलंबित कर दिया और तहसीलदार एवं कानूनगो को चेतावनी जारी की।
कमिश्नर राजन शुक्ला और उप पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र कुमार शाही मंगलवार को फूलपुर तहसील दिवस का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। बहादुरपुर विकासखंड के चिखड़ी गांव के लोगों ने कमिश्नर से शिकायत की कि गांव में 132 बीघे के तालाब पर अवैध कब्जा होरहा है। तहसील प्रशासन से शिकायत किए जाने क बावजूद अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। इस पर कमिश्नर ने चिखड़ी गांव के लेखपाल कृष्ण मोहन से इस बारे में पूछताछ की तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सका। इतने बड़े तालाब पर हो रहे अतिक्रमण से बेखबर लेखपाल को कमिश्नर ने निलंबित करने का आदेश दिया। साथ ही क्षेत्रीय इंचार्ज कानूनगो वेदप्रकाश और तहसीलदार आशुतोष कुमार को चेतावनी जारी की।
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों ने आयुक्त एवं पुलिस उप महानिरीक्षक के समक्ष शिकायत दर्ज कराई कि अधिवक्ता तिलक राज य ादव के साथ थरवई थानाध्यक्ष और वहां के आरक्षी ने अभद्रता की है। इस पर उप महानिरीक्षक ने पुलिस क्षेत्राधिकारी फूलपुर सीओ को जांच की जिम्मेदारी सौंपी और मामले में आख्या तलब कमर ली। तहसील दिवस में कुल 143 फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इनमें 14 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। ज्यादातर शिकायतें सार्वजनिक भूमि और तालाब पर कब्जे से संबंधित रहीं। कमिश्नर ने एसडीएू फूलपुर को ऐसे मामलों में अभियान चलाकर कार्रवाई करने को कहा।