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चचेरे भाइयों ने किया था ललित का कत्ल

Wed, 10 Feb 2016 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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ललित वर्मा हत्याकांड का पुलिस ने चार रोज में ही खुलासा कर दिया। कत्ल की यह कहानी किसी थ्रिलर हिंदी फिल्म सरीखी है। इस हत्याकांड में एक ही परिवार में कत्ल की साजिशों का पर्दाफाश हुआ है। ललित को उसके सगे चचेरे भाइयों ने ही मारा था। उसे जयंतीपुर से बाइक पर बैठाकर सिविल लाइंस लाने वाला चचेरा भाई विक्रम भी साजिश में शामिल था। दूसरी बाइक पर विक्रम का सगा भाई एक अपराधी के साथ पीछे लगा था। ललित की हत्या के बाद विक्रम के भी कंधे पर गोली मारी गई ताकि पुलिस को शक न हो। वारदात के बाद दूसरी बाइक पर दो लोग भाग गए तो विक्रम ने घटनास्थल से दूर जाकर हल्ला मचाया। ललित के पिता ने विधायक पूजा पाल और उनके करीबियों के खिलाफ मुकदमा लिखाया था लेकिन सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और कॉल डिटेल से फर्जी एफआईआर आर साजिश का खुलासा हो गया। घायल चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया गया।
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एसएसपी केएस इमैनुएल ने मंगलवार शाम घटना के मुख्य संदिग्ध विक्रम वर्मा को पुलिस लाइन में मीडिया के सामने पेशकर ललित हत्याकांड पर छाया रहस्य बेनकाब किया। एसएसपी के मुताबिक, तीन फरवरी की रात बिशप जॉनसन स्कूल के बगल से गुजरी गली में ललित वर्मा की हत्या में बसपा विधायक पूजा पाल उनके भाई राहुल पाल, करीबी दिलीप पाल, राजेश त्रिपाठी समेत सात लोगों के खिलाफ केस लिखाया गया था। ललित के पिता विनोद ने कहा था कि वह खुद घटना के वक्त बेटे ललित के साथ थे। कातिल फोर व्हीलर और एक बाइक पर आए थे। मगर घटनास्थल के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग से पता चला कि वहां दो बाइक ही आई थी। एक पर विक्रम और ललित थे और दूसरी पर दो लोग। तीन रोज की जांच के बाद कंधे पर गोली लगने से घायल विक्रम को पुलिस ने सोमवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो कत्ल का राजफाश हो गया।


विक्रम ने चचेरे भाई ललित के कत्ल का गुनाह कुबूल लिया। ललित उसके ताऊ विनोद वर्मा का पुत्र है। विक्रम ने बताया कि करीब दस साल पहले ताऊ के बड़े लड़के जीतेंद्र ने उसके भाई रंजीत को शंकरगढ़ के पास ट्रेन से धकेलकर मार डाला था। तब से दोनों भाइयों के मन में  रंजिश बनी थी हालांकि वे यह बात जाहिर नहीं करते थे। पिछले साल पूजा पाल के करीबी राजेश त्रिपाठी पर कातिलाना हमले के मामले विक्रम का पिता मान सिंह, भाई सोनू, ताऊ विनोद वर्मा और चचेरा भाई जीतेंद्र जेल भेजे गए थे। विक्रम ने बयान दिया है कि करीब दो महीने पहले जेल में ताऊ विनोद अपने पुत्र जीतेंद्र से योजना बना रहे थे कि पूजा पाल और राजेश त्रिपाठी आदि को फंसाने के लिए विक्रम को मारकर फर्जी मुकदमा लिखा देते हैं। विक्रम के कत्ल की इस योजना की भनक जेल में बंद उसके भाई सोनू को लग गई। उसने जेल में मिलने आए भाई संतोष को बताकर विक्रम को सतर्क करने के लिए कहा। विक्रम के मुताबिक, कुछ दिन पहले उसे पता चला कि चचेरे भाई ललित ने उसकी हत्या की योजना बना डाली है। तब उसने भाई संतोष के साथ मिलकर ललित को ही मारने का प्लान बना लिया। संतोष ने पूरामुफ्ती में रहने वाले अपने दोस्त राजा पाल को भी साजिश में शामिल किया।
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वकील से मिलाने के बहाने लाकर मारा
एसएसपी ने बताया कि साजिश के तहत, तीन फरवरी की रात विक्रम वकील से मिलाने के बहाने ललित को चकिया स्थित किराए के कमरे से बाइक पर बैठाकर बिशप जानसन स्कूल के बगल पंचशील कॉलोनी में लाया। दरअसल, धूमनगंज में पूजा पाल के करीबी राजेश त्रिपाठी पर हमले की घटना में पुलिस ने अदालत के आदेश पर विक्रम और ललित का मकान भी कुर्क कर लिया था। तब से वह चकिया में किराए के कमरे में रहने लगा था।

तीन फरवरी की रात ललित को बाइक पर बैठाकर विक्रम चकिया से चला तो उसका भाई संतोष अपने दोस्त राजा पाल के साथ बाइक पर पीछे लगा था। आईजी रेलवे आवास के निकट विक्रम ने बाइक रोक ललित को उतारा। पीछे से आकर संतोष और राजा ने उसे घेर लिया। संतोष ने ललित की कनपटी पर गोली मार दी। वह ढेर हो गया तो संतोष ने ही विक्रम के कंधे को छूते से गोली चला दी ताकि वह भी घायल हो तो पुलिस को संदेह नहीं हो। इसके बाद संतोष और राजा बाइक पर भाग गए। विक्रम ने ही कुछ दूर जाकर 100 नंबर पर फोन किया तो पुलिस पहुंची। पुलिस ने विक्रम की निशानदेही पर चकिया स्थित किराए के मकान से घटना में इस्तेमाल पल्सर बाइक और तमंचा बरामद कर लिया। वहां दो कारतूस भी मिले।

पूजा और करीबियों को दी क्लीन चिट
इलाहाबाद। ललित हत्याकांड में उसके पिता विनोद ने शहर पश्चिमी की बसपा विधायक पूजा पाल और उनके करीबियों पर साकेतनगर के एक मार्केट के विवाद में कत्ल का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। पूजा ने सिविल लाइंस थाने आकर इस नामजदगी का तीखा विरोध किया था। पुलिस ने भरोसा दिया था कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई होगी। छानबीन में कत्ल के पीछे ललित की पारिवारिक रंजिश निकली तो विक्रम को गिरफ्तार कर पुलिस ने पूजा समेत नामजद लोगों को क्लीन चिट दे दी। अब संतोष और राजा की तलाश हो रही है।
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