चुनाव में सरकारी मशीनरी के बेजा इस्तेमाल की शिकायत नहीं है। लोकसभा चुनाव हो या ग्राम प्रधान का चुनाव। आरोप लगता है कि पुलिस-प्रशासन सत्ताधारी दल के उम्मीदवारों के लिए एजेंट की तरह काम कर रहा है। अब ब्लाक प्रमुख चुनाव में भी पुलिस पर ऐसे ही इल्जाम लगे हैं। कई उम्मीदवारों के साथ ही बीडीसी सदस्यों ने पुलिस पर धमकाने का आरोप लगाते हुए आला अधिकारियों तक लिखित शिकायत की है।
बुधवार को ब्लाक प्रमुख का निर्वाचन होना है। उससे पहले कई ब्लाक में प्रत्याशियों ने आरोप लगाया कि स्थानीय थानेदार ने उन्हें चुनाव मैदान से हटने वरना फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी है। कई बीडीसी सदस्यों ने भी अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी कि पुलिस ने उन्हें एक खास उम्मीदवार को वोट देने के लिए कहा है। बहादुरपुर ब्लाक के प्रत्याशी अरूणेंद्र यादव उर्फ डब्बू यादव ने भी आरोप लगाया कि उसे झूंसी और सरायइनायत थाने की पुलिस ने चुनाव मैदान से हटने की धमकी देकर अपहरण का फर्जी केस दर्ज करा दिया।
अरूणेंद्र ने तो जान पर खतरा बताते हुए हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की है। इसी तरह होलागढ़ ब्लाक की भाजपा समर्थित प्रत्याशी सुधा त्रिपाठी ने भी आरोप लगाया कि होलागढ़ पुलिस ने सत्तापक्ष के दबाव में परेशान किया। इलाके की पुलिस सत्तापक्ष से जुड़े उम्मीदवार के एजेंट की तरह काम कर रही है। इस बारे में पूछने पर पुलिस अधिकारी गोलमोल जवाब देते हैं। वह ऐसे आरोपों को साफ खारिज कर देते हैं जबकि कई उम्मीदवार बार-बार ऐसे इल्जाम लगा चुके हैं।