शहर में घूमते दुधारू मवेशियों को पकड़ना नगर निगम कर्मचारियों को महंगा पड़ रहा है। बुधवार को भारद्वाज पार्क से कुछ मवेशियों को पकड़ने से भड़के पशुपालकों ने प्रयाग स्टेशन के पास निगम की गाड़ी रोककर गायों को उतारा और उसके बाद कर्मचारियों की जमकर कर धुनाई कर दी। मारपीट में एक कर्मचारी का सिर फट गया। उसके सिर में तीन टांगे लगे हैं। निगम के पशुधन अधिकारी ने इस मामले में कनर्लगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
नगर निगम ने लिए सड़कों, गलियों में घूमते मवेशियों को पकड़ना हमेशा से मुश्किल भरा रहा है। इस काम में लगे कर्मचारियों को पशुपालकों का जबरदस्त विरोध झेलने पड़ता है। बेअंदाज पशुपालक मवेशियों को पकड़ने जाने पर अक्सर कर्मचारियों से मारपीट करते हैं। बुधवार को निगम के पशुधन विभाग का दस्ते ने शाम करीब पांच बजे भारद्वाज पार्क के पास से कुछ गायें पकड़ीं और उन्हें गाड़ी में लाद लिया। वहां से दस्ता कुछ दूर बढ़ा, इस बीच पशुपालक को इसकी सूचना मिली। कुछ साथियों के साथ लाठी-डंडों से लैस पशुपालक ने गाड़ी का पीछा किया और प्रयाग स्टेशन के पास रोक लिया। फिर गाड़ी से गायों को उतारने के बाद उस पर बैठे कर्मचारियों पर हमला कर दिया। कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
कर्मचारी जान बचाने के लिए भागे तो पशुपालक ने सोनू नाम के कर्मी को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की। हमले में सोनू का सिर फट गया। इसके बाद पशुपालक मवेशियों को लेकर भाग गया। कर्मचारियों ने इसकी सूचना पशुधन अधिकारी डॉ.धीरज गोयल को दी तो वह भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद सोनू का मेडिकल कराया गया। डॉ.गोयल ने बताया कि हमला करने वाले पशुपालक ने कर्मियों को उसके मवेशी न पकड़ने और ऐसा करने पर गंभीर परिणाम की चेतावनी दी थी। बताया कि पशुपालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।