रामबाग रेलवे स्टेशन पर अफीम की खेप के साथ दो लोगों की गिरफ्तारी के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है कि पार्सल लिपिक लिपिक की साठगांठ से यह गोरखधंधा हो रहा था। वह कोलकाता से ट्रेन में पार्सल में आई अफीम की खेप रामबाग स्टेशन पर लेकर अपने कार्यालय में रखता और फिर धंधेबाज उसे पैसे देकर खेप ले जाते थे। रेलवे पुलिस ने पार्सल बाबू को भी अफीस तस्करी के इस मामले में आरोपी बनाया है।
रामबाग जीआरपी प्रभारी बीआर बिंद ने रविवार को मुखबिर की सूचना पर पार्सल कार्यालय के गेट पर दो लोगों बेनीगंज करेली के रामभवन यादव और भदोही में कोईरौना इलाके के रामबाबू मिश्रा को गिरफ्तार कर दो बोरों में अफीम (डोडा पास्ता) बरामद किया था। फिर रामबाबू के कोइरौना स्थित घर में भी छापा मारकर पुलिस ने अफीम की बरामदगी की। पुलिस ने कुल 144 किलो अफीम बरामद किया। पूछताछ में उन दोनों ने बताया कि वे कोलकाता से विभूति एक्सप्रेस में पार्सल के जरिए अफीम मंगवाते हैं।
उनकी रामबाग के पार्सल बाबू अजय राय से सेटिंग है। वे कोलकाता के प्रताप को मोबाइल से अफीम का आर्डर देकर उसके बैंक खाते में रकम जमा करते हैं। वह विभूति एक्सप्रेस में अफीम पार्सल के तौर पर रखता था। पार्सल अजय राय के भाई संजय के नाम से बुक होता था। ट्रेन रामबाग स्टेशन पहुंचने पर लिपिक अजय राय अफीम के पार्सल को लेकर अपने कार्यालय में रख लेता था। फिर रामबाबू और रामभवन आकर अफीम की खेप ले जाते। इसके बदले अजय को पैसे दिए जाते है। रामबाबू ने बताया कि कोलकाता से तीन हजार रुपये किलो में अफीम मंगाकर यहां पांच हजार रुपये में बेची जाती है। पार्सल लिपिक अजय राय फरार हो गया है। चौकी प्रभारी बीआर बिंद ने बताया कि पार्सल लिपिक अजय राय बिहार के सीवान स्टेशन पर भी हेराफेरी में जेल भेजा गया था। उसकी बर्खास्तगी भी हुई थी।