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बंदरों ने अब ली बुजुर्ग की जान

Tue, 02 Feb 2016 01:33 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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गाजियाबाद में बंदरों के आतंक की वजह से फिर एक 65 वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई। विजयनगर में छत पर गए एक बुजुर्ग पर 15-20 बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। बचाव करते हुए वह पीछे हटे तो छत से नीचे गिर गए।
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घायल हालत में उन्हें यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान दोपहर में उन्होंने दम तोड़ दिया।
विजयनगर सेक्टर-9 के मकान नंबर 852 निवासी जहारिया सिंह (65) सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे बंदरों को भगाने गए थे।

जैसे ही वह छत पर पहुंचे बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बंदरों से बचाव के दौरान वह पीछे दौड़े तो छत से गिर गए। उनके गिरने की आवाज और चिल्लाने का शोर सुनकर परिजन दौड़े तो गंभीर हालत में उन्हें नीचे गिरा पाया।

आनन-फानन में बेटे महिपाल व परिजनों ने उन्हें यशोदा अस्पताल पहुंचाया। यहां दोपहर करीब एक बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।

महिला प्रिंसिपल का सिर नोंच डाला था बंदरों ने
करीब पांच महीने पहले विजयजनगर क्षेत्र में बंदरों के झुंड ने एक महिला प्रधानाचार्या पर भी जानलेवा हमला कर दिया था।

बंदरों ने उनके सिर की खाल नोंच डाली थी। उन्हें सिर में 25 टांके लगाने पड़े थे और चार दिन अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था।

निगम और वन विभाग की लापरवाही से जा रही जान
बंदर पकड़ने को विजयनगर, वैशाली, वसुंधरा, कविनगर समेत कई कालोनियों के लोग निगम अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं।

मगर निगम बंदरों को वन्य जीव बता उन्हें पकड़ने की जिम्मेदारी वन विभाग पर टाल रहा है, जबकि वन विभाग बंदरों को पकड़ने के लिए फंड न होने की बात कहकर इसकी जिम्मेदारी निगम पर टाल देता है।
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सुबह होते ही बंदरों का झुंड मचा देता है उत्पात
जहारिया सिंह के बेटे महिपाल ने बताया कि सुबह होते ही कालोनी में बंदरों के झुंड उत्पात मचाना शुरू कर देते हैं। घरों में कपड़े सुखाना और बच्चों का बाहर निकलना इन्हीं बंदरों की वजह से बंद हो गया है। बर्तन और कपड़े बाहर मिलते ही बंदर उठाकर ले जाते हैं।

पूर्व में बेटे पर भी बंदरों ने किया था हमला
महिपाल ने बताया कि एक दिन वह छत पर सो रहे थे, इसी दौरान बंदर उन पर झपट पड़े थे। उन्होंने किसी तरह जान बचाई। बंदरों की दहशत इतनी है कि छत पर बच्चों का जाना बंद कर दिया गया है।
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