यमुनापार के घूरपुर इलाके में मोहद्दीपुर गांव में हुए तिहरे हत्याकांड में दीपक के शव का रविवार को पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों ने शव उठाने से इंकार कर दिया। उनकी मांग थी कि जब तक डीएम मौके पर आकर उनसे ज्ञापन नहीं लेते हैं, तब शव का अंतिम संस्कार करने नहीं ले जाएंगे। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा के पहुंचने के बाद परिजनों ने ज्ञापन सौंपा और मामले की निष्पक्ष जांच, दीपक के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी और परिवार के जान माल की सुरक्षा की मांग की। डीएम के आश्वासन के बाद परिजन शव लेकर पुराने गांव औद्योगिक क्षेत्र के वेलवट गांव पहुंचे।
दीपक का शव गांव पहुंचा तो एक बार फिर घर का माहौल गमगीन हो गया। घरवाले शव से लिपट कर रोने लगे। मां शोभा देवी तो इकलौते जवान बेटे का शव देखकर अचेत हो गईं। इस दौरान भारी पुलिस बल के साथ एसपी यमुनापार आशुतोष मौजूद रहे। शाम को परिजनों ने दीपक के शव का टिकुरी घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। इससे पहले दो डॉक्टरों के पैनल और वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की बात सामने आई है। साथ गले और सिर में राड की चोट थी। पोस्टमार्टम हाउस में वेलवट निवासी दादा चंद्रेश मोहन द्विवेदी समेत तमाम रिश्तेदार और नेता मौजूद रहे। बवाल की आशंका से पुलिस और एसडीएम करछना भी मौजूद रहे।