यमुनापार के घूरपुर इलाके में मंगलवार सुबह हवाई पट्टी के बगल खेत में मिले सिर विहीन शव की पहचान हो गई। मारे गए सोनू सिंह का परिवार दारागंज में रहता है। उसने कुछ महीने पहले अपने मकान मालिक की बेटी को भगाकर शादी कर ली थी। लौटने पर वह पत्नी संग अल्लापुर में किराए के कमरे में रहने लगा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा। छूटकर वह घर आया तो उसकी हत्या कर दी गई। अभी यह रहस्य बना है कि हत्या किसने की। घूरपुर थाने की पुलिस उसकी पत्नी के घरवालों को शक के दायरे में रखकर कत्ल की छानबीन कर रही है।
हुल्ला का पूरा गांव के खेत में मंगलवार सुबह भट्ठा मजदूरों की झोपड़ियों के पास मिले यवक के शव से सिर नदारद था। शरीर पर सिर्फ अंडरवियर थी। युवक की बांह पर बने दिल में सोनू और सत्या लिखा था। यही उसकी पहचान का जरिया बना। अखबार में छपी खबरों को देख सोनू की पत्नी सत्या एसआरएन अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस और फिर घूरपुर थाने पहुंची। उसने कहा कि शव उसके पति सोनू का ही है। एसओ घूरपुर बिहागड़ सिंह यादव के मुताबिक, 30 वर्षीय सोनू का पूरा नाम पृथ्वीराज सिंह था। उसके पिता हरिकरन सिंह मूल रूप से अमेठी में मोहनगंज इलाके के रामपुर गांव के रहने वाले हैं। बरसों पहले वह इलाहाबाद आ गए। दारागंज में परिवार सहित किराए के मकान में रहकर वह कचौड़ी-सब्जी का ठेला लगाते हैं।
इसी दौरान सोनू का मकान मालिक की बेटी अनीता उर्फ सत्या से प्रेम संबंध हो गया। सत्या की जून में शादी तय कर दी गई तो उससे पहले ही सोनू उसे लेकर भाग गया। दो महीने बाद वह सत्या को लेकर लौटा और परिजनों से कहा कि उन दोनों ने शादी कर ली है। वह पत्नी सत्या संग अल्लापुर में किराए पर कमरा लेकर रहने लगा। पिछले महीने दारागंज पुलिस ने उसे सत्या के अपहरण में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सत्या के आग्रह पर मायके और ससुराल वालों ने पैरवी की तो हफ्ते भर पहले सोनू को जमानत पर जेल से रिहा किया गया। सत्या ने पुलिस को बताया कि सोमवार शाम से सोनू लापता था। अब यह पता किया जा रहा है कि उसे किसने अपहरण कर मार डाला। पुलिस का कहना है कि पत्नी के मायके वालों के साथ ही सोनू के कुछ दोस्त भी शक के घेरे में है। उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि रही है इसलिए साथियों को भी टटोला जा रहा है।