करीब ढाई साल पहले बिजलीपुरा से अपहृत किशोरी पूजा की बरामदगी को लेकर पुलिस अधिकारी महिला आयोग की सदस्य डॉ. बेनजीर के दिशा-निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कलक्ट्रेट में सत्याग्रह पर डटी पूजा की मां आशा के अनुसार पुलिस इस मामले में खुद कुछ करने के बजाय उनसे बेटी का पता-ठिकाना पूछ रही है। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आरपी सिंह ने पूजा की तलाश के लिए एक टीम गठित कर दी है, लेकिन उसका मूवमेंट शुरू नहीं हो पाया।
बिजलीपुरा के रिक्शा चालक अशोक भोजवाल की बेटी पूजा का सितंबर 2012 में मोहल्ले के ही तीन युवकों ने अपहरण कर लिया था। विवेचना में दो अन्य नाम प्रकाश में आने पर पुलिस ने पांचों अभियुक्तों को जेल भेज दिया, लेकिन पूजा का कोई सुराग नहीं लगा। बेटी की बरामदगी की मांग को लेकर अशोक और उसकी पत्नी ने आठ जनवरी 2013 से कलक्ट्रेट पर सत्याग्रह शुरू कर दिया।
शोषित समाज मोर्चा ने उनकी पीड़ा सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचाई। बाद मेें सुप्रीम कोर्ट ने अब तक की पुलिस कार्रवाई का ब्योरा भी तलब किया, लेकिन बात नहीं बनी। गत 17 दिसंबर को राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. बेनजीर उमर जिले के दौरे पर आईं तो पूजा के बरामद होने की उम्मीद थोड़ी जागी। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए आयोग सदस्य ने महिला थाना प्रभारी और सदर थाना पुलिस बुलाकर दंपति की बेटी बरामद करने को ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए थे।
कोतवाली पुलिस ने पूजा की तलाश को एक एसआई के नेतृत्व में टीम गठित कर दी, लेकिन उसने अभी तक छापेमारी शुरू नहीं की। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आरपी सिंह के अनुसार टीम इस मामले में अपहृत किशोरी के संभावित ठिकाने चिन्हित कर रही है जिससे कि सभी जगह एक साथ छापा डाला जा सके और दूसरे पक्ष के लोग पूजा को नए ठिकाने का मौका नहीं मिले। इधर, पूजा की मां आशा का कहना है कि पुलिस उन्हीं से बार-बार बेटी का पता-ठिकाना पूछकर परेशान कर रही है।
अफसरों से इस मामले में प्रगति जानेगा आयोग
‘मैने पुलिस अधिकारियों को हर हाल में पूजा का सुराग लगाने का निर्देश दिया है। आयोग दंपति को उनकी अपहृत बेटी दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। इसके लिए जो भी पुलिस अधिकारी जवाबदेह होंगे, उनसे अब तक हुई कार्रवाई का ब्योरा तलब किया जाएगा।’
-डॉ. बेनजीर उमर, सदस्य, राज्य महिला आयोग