हंडिया के जसवंा गांव में रविवार शाम एक गुट के दर्जनों लोगों ने लाठी-डंडा लेकर दलितों की बस्ती में हमला बोल दिया। बस्ती में जो भी महिला पुरुष मिला उसे पीटकर लहूलुहान कर दिया। जमकर तांडव मचाने के बाद पांच दलितों के छप्पर में आग लगा दिया और एक के आटो रिक्शा में जमकर तोड़फोड़ किया। सूचना पर हंडिया इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड भी बुला ली गई। गांव में तनाव को देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
जसवां गांव में होली के समय होलिका दहन के स्थान को लेकर दलितों का एक गुट से टकराव हुआ था। बाद हंडिया पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराकर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया था। लेकिन इसके बाद भी दूसरा गुट असंतुष्ट था और दलितों को सबक सिखाने की फिराक में था। रविवार को दर्जनों की संख्या में दूसरे गुट के लोग लाठी डंडा लेकर दलित बस्ती में घुस गए। जो सामने आया उसे डंडे से पीटकर गिरा दिया। जिसमें मनोज कुमार, बलराम, चिंतामणि, रामराज, भोंदू, महिला निशा, सुशीला, फुलवासी देवी समेत दो बच्चियां न्यासा,झिुंगुरी घायल हो गईं। इतना नहीं हमलावरों ने सतईराम, खुरकुशी, रामचरन, अठई के छप्पर को आग के हवाले कर दिया। घर के बाहर खड़े मुनीम के आटो रिक्शा में जमकर तोड़फोड़ किया।
हमलावरों की करतूत से गांव में खलबली मच गई। सूचना पर फायर ब्रिगेड और पुलिस पहुंची। जब फायर ब्रिगेड आग पर काबू पाती छप्पर में रखा सामान जलकर खाक हो चुका था। वहीं घटना से गांव में तनाव बना हुआ है। पुलिस आरोपियों के घर दबिश दे रही है। लेकिन वे फरार हैं। सूचना पर सीओ हंडिया, इंस्पेक्टर महेंद्र देव सिंह समेत कई थानों की फोूर्स पहुंच गई थी। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।