विवादित भूमि पर अदालत से फैसला होने के बाद निर्माण शुरू करने पर मंगलवार को बाबूगंज बाजार में बवाल हो गया। एक पक्ष की महिलाओं और पुरुषों ने धावा बोलकर निर्माण ढहा दिया। जमकर ईंट पत्थर भी फेंके। दोनों तरफ से पथराव हुआ। आगजनी भी हुई। पुआल फूंक दिया गया। खबर पाकर पुलिस पहुंची तब भी बवाल होता रहा। ऐसे में कई थानों की पुलिस और पीएसी के साथ अधिकारी आ गए। अफसरों ने किसी तरह मौके पर स्थिति संभाली।
हसनपुर चक मंसूरपुर गांव के अबरार अहमद की बाबूगंज बाजार में बहरिया रोड किनारे भूमिधरी जमीन है। इसी जमीन के बगल में लालचंद सरोज की भूमिधरी जमीन है। सड़क किनारे होने से कीमती जमीन को लेकर दोनों पक्षों में काफी दिनों से विवाद बना है। अबरार अहमद ने उपजिलाधिकारी फूलपुर के न्यायालय में हदबंदी का वाद दाखिल किया। वाद के निर्णय के बाद पत्थरगड़ी कर दी गई मगर आरोप है कि लालचंद्र के पक्ष के लोगों ने पत्थर को उखाड़ दिया।
अबरार अहमद ने कई बार शिकायत पत्र अधिकारियों को दिया। कई बार नाप भी कराई गई। अबरार ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर हस्तक्षेप की याचना की। हाईकोर्ट ने कब्जा दिलाने का निर्देश जारी किया। रविवार को तहसीलदार ओम प्रकाश सिंह की मौजूदगी में राजस्व टीम ने जमीन की पैमाइश कर दोनों भूखंडों को अलग कर दिया। मंगलवार को अबरार अहमद ने निर्माण शुरू कराया तो बवाल हो गया। लालचंद्र की तरफ से कई लोगों ने जुटकर निर्माण ध्वस्त कर दिया। मजदूरों और अबरार की तरफ से जुटे लोगों पर ईंट-पत्थर फेंके गए। अबरार की तरफ से भी पथराव किए जाने पर बवाल बढ़ गया। पुलिस के सामने करीब दो घंटे तक उत्पात होता रहा। ऐसे में इंस्पेक्टर बहरिया अब्दुल सत्तार ने अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।
कई थानों की पुलिस और पीएसी के जवानों ने मौके पर पहुंच कर उपद्रियों को खदेड़ा। एसपी गंगापर शफीक अहमद, एसडीएम टीके शिबू, क्षेत्राधिकारी रविशंकर प्रसाद समेत कई प्रशासनिक अधिकारी आ गए। अदालत का फैसला था इसलिए पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में निर्माण कार्य शुरू कराया गया। पथराव में अबरार के बेटे गुलजार अहमद और सऊद को चोट पहुंची। इस घटना के बाद दोनों पक्षों में जबरदस्त तनाव कायम है। अधिकारी मौके पर डटे हैं। अबरार अहमद ने दस नामजद और पचास अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि बेवजह बवाल करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।