बारावफात जुलूस के दौरान हुए बवाल के दूसरे रोज सोमवार को दिन में तो कस्बे में शांति रही लेकिन रात में फिर से माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की गई। रात 10 बजे अराजकतत्वों ने इब्राहिमपुर मोहल्ले में सुग्गे पाल की पान की गुमटी और शेरे यादव की छप्पर नुमा चाय की दुकान में आग लगा दी। लोगों ने लपटों को निकलता देख पुलिस को खबर दी। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई और आग को बुझा दिया। इस घटना के बाद फिर से क्षेत्र में तनाव फैल गया है लेकिन पुलिस की गश्त बढ़ाकर लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
दिन में लालगोपालगंज कस्बे में तनाव के बीच शांति रही। पुलिस-पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियां तैनात रहीं। इस कारण लोग घरों में ही रहे। पुलिस अफसरों ने माहौल सामान्य कराने के लिए दुकानें खुलवाने का प्रयास किया लेकिन असफल रहे। पूरा बाजार बंद रहा। एकपक्षीय कार्रवाई की शिकायत मिलने पर दोपहर में फूलपुर के भाजपा सांसद केशव प्रसाद मौर्या, कौशाम्बी के सांसद विनोद सोनकर कई भाजपा नेताओं संग लालगोपालगंज पहुंचे पर उन्हें बाजार की ओर नहीं जाने दिया गया। इस पर सांसदों समेत भाजपा नेताओं ने सड़क पर धरना देकर बेगुनाहों को छोड़ने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। फिर इन नेताओं ने नवाबगंज थाने जाकर एसएसपी के सामने भी यही बात की। पुलिस ने बवाल में 11 लोगों को जेल भेजा है।
बाकी उपद्रवियों की गिरफ्तारी की कोशिश हो रही है।रविवार दोपहर लालगोपालगंज कस्बे में बारावफात जुलूस गुजरने के दौरान दोनों समुदाय के लोगों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। दुकानों और गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी से माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया था। एसडीएम सोरांव भी घायल हो गए थे। दो घंटे बाद आईजी, डीआईजी, एसएसपी, डीएम, एसपी सिटी, एसपी क्राइम ने पीएसी-पुलिस और आरएएफ के साथ मौके पर जाकर बलवाइयों को खदेड़ा और दो मुकदमे लिखकर धरपकड़ की। एसपी क्राइम और एसपी सिटी देर रात तक वहां मुस्तैद रहे। सोमवार सुबह दोनों अधिकारी फिर वहां पहुंच गए।
दोपहर एक बजे शहर से फूलपुर के भाजपा सांसद केशव प्रसाद मौर्या, कौशाम्बी के सांसद विनोद सोनकर, भाजपा जिलाध्यक्ष रामरक्षा द्विवेदी, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष शशि वार्ष्णेय, भाजपा नेता अमरनाथ यादव, प्रभाशंकर पांडेय और समर्थकों संग लालगोपालगंज पहुंचे तो पुलिस अफसरों ने उन्हें बाजार की ओर नहीं जाने दिया और पुलिस बूथ तिराहे पर रोक लिया। इस पर पुलिस और भाजपा नेताओं के बीच झड़प होने लगी। बेकसूर लोगों को रिहा करने की मांग को लेकर सांसद धरने पर बैठ गए। उन्होंने धर्मस्थल तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस अफसरों ने एसएसपी से फोन पर बात कराकर सांसद का धरना समाप्त करवा दिया। इस वजह से लखनऊ हाइवे पर करीब पौने घंटे तक आवागमन भी ठप रहा।
दोनों सांसद नवाबगंज थाने पहुंचे जहां एसएसपी दीपक कुमार मौजूद थे। सांसद केशव प्रसाद ने एसएसपी से मिलकर कहा कि बवाल में एकपक्षीय कार्रवाई की जा रही है। धर्मस्थल को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों पर नरमी की जा रही है। यह सही नहीं है। सांसदों ने एसएसपी को मांगपत्र सौंपकर चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने एकपक्षीय कार्रवाई की तो मामला और तूल पकड़ सकता है। एसएसपी ने नेताओं को भरोसा दिया कि उपद्रव करने वाले दोनों तरफ के लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो रही है। किसी को फंसाया नहीं जाएगा।
पुलिस बूथ तिराहे के पास रोके जाने के बाद धरने पर बैठे भाजपा सांसदों केशव प्रसाद मौर्या और विनोद सोनकर के साथ मौजूद नेताओं तथा समर्थकों ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव तथा मंत्री आजम खान के खिलाफ नारे लगाए। उनका आरोप है कि इन्हीं नेताओं के दबाव के चलते पुलिस एकपक्षीय कार्रवाई कर रही है। साथ मौजूद पूर्व चेयरमैन टाउनएरिया लालगोपालगंज प्रदीप केसरवानी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके बेटे-भतीजों के साथ ही कई बेगुनाहों को फंसाया है। इसके लिए स्थानीय पुलिस और मौजूदा चेयरमैन के पति पर आरोप लगाया गया।
नवाबगंज थाने की पुलिस ने रविवार को बारावफात जुलूस के दौरान हुए बवाल के मामले में ग्यारह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार राजेश, रीतेश, ऋषभ, रवि, चंदन कुमार, सुरेशचंद्र. सत्येंद्र, रामू, राशिद अली, मोहम्मद उर्फ आजाद को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। दूसरे उपद्रवियों की भी धरपकड़ होगी। उन पर रासुका भी लगाया जा सकता है।