नैनी। अनहोनी केपांचवें दिन शनिवार को मवैया मार्ग पर बाढ़ के पानी से मिचेल इनिस उर्फ बाबा भैया की फॉरच्यूनर क्रेन की मदद से निकाली गई। सेंट जोंस एकेडमी के संचालक इनिस 23 अगस्त सोमवार की आधी रात इसी फॉरच्यूनर गाड़ी में शहर से लौटते वक्त मवैया मार्ग पर गंगा के बाढ़ के पानी में डूब गए थे। फॉरच्यूनर सड़क से नीचे गहरे पानी में चली गई थी। शुक्रवार को पानी घटने पर फॉरच्यूनर पानी में दिखी थी। शनिवार दोपहर क्रेन से निकालकर गाड़ी को ट्रेलर पर लादकर नैनी थाने ले जाया गया। अंबुज उर्फ पिंटू के परिवार के लोगों की मांग पर फोरेंसिक टीम को बुलाकर गाड़ी की जांच कराई गई। दरअसल, पिंटू के परिवार के लोग सशंकित है कि यह घटना एक साजिश का नतीजा हो सकती है, इसलिए उन्होंने फोरेंसिक जांच का आग्रह किया था।
फोर बाई फोर गेयर में मिली फॉरच्यूनर
नैनी। बाढ़ के पानी में चार दिनों तक डूबी फॉरच्यूनर को क्रेन की मदद से निकाला गया तो वह फोर बाई फोर गेयर में थी। इस गेयर के बारे में गाड़ी मालिक या ड्राइवर को होती है। इंस्पेक्टर नैनी रामसूरत सोनकर का कहना है कि फोर बाई फोर गेयर में गाड़ी के चाराें पहिए तेजी से नाचने लगते हैं। बाबा भैया के करीबी एक मित्र का कहना है कि अमूमन फोर बाई फोर गेयर कच्ची सड़कों पर चलने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। या कीचड़ में फंसे होने पर इसका प्रयोग होता है। बाढ़ के पानी से बाहर आने के लिए फॉरच्यूनर ड्राइव कर रहे बाबा भैया ने इसी गेयर का इस्तेमाल किया होगा।
दो मोबाइल और एक चेन है गायब
नैनी। फॉरच्यूनर के साथ डूबे मिचेल इनिस और अंबुज पांडेय के एक-एक मोबाइल फोन नहीं मिले हैं। अंबुज के गले से सोने की चेन भी नदारद थी। अनुमान थ कि दोनों के एक-एक मोबाइल और सोने की चेन गाड़ी में होगी मगर शनिवार को फॉरच्यूनर निकाली गई तो उसमें कुछ नहीं मिला। गाड़ी का कांच टूटा था। शक है कि पानी कम होने पर अराजक तत्वों ने कांच तोड़कर चोरी की कोशिश की और इसमें सफल भी रहे।