सरायइनायत इलाके के लीलापुर खुर्द गांव के पास शनिवार रात ठेकेदारी करने वाले राकेश कुमार मिश्र (48) की हत्या कर दी गई। वह एक रिश्तेदार के यहां गमी में शामिल होने के बाद लौट रहे थे लेकिन घर नहीं पहुंचे। रविवार भोर में सड़क किनारे बाइक के पास उनका शव देख भीड़ जुटी तो परिजनों को पता चला। कत्ल के पीछे प्रधानी चुनाव की रंजिश बताते हुए चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है।
ककरा दुबावल गांव निवासी राकेश कुमार मिश्र नासिक में कारोबार के अलावा ठेकेदारी भी करते रहे हैं। वह कुछ समय वहां रहने के बाद घर आ जाते। परिवार में तीन बेटे जीतेश मिश्र, मिथुन और आशू, बेटी प्रियंका और पत्नी सरोजनी है। बेटी का ब्याह हो चुका है। पुत्र जीतेश छात्र संगठन एनएसयूआई का जिलाध्यक्ष रह चुका है। शनिवार दोपहर राकेश पत्नी सरोजनी को यह बताकर निकले कि सैदाबाद के पास हरिपुर बींदा में एक रिश्तेदार के यहां गमी में शामिल होने जा रहे हैं। वह लीलापुर कला गांव निवासी दयाशंकर उर्फ दयालू के साथ अपनी बजाज डिस्कवर बाइक पर हरिपुर बींदा गए। फिर वह रात में घर नहीं लौटे। रात आठ बजे के बाद पत्नी सरोजनी ने उनके मोबाइल पर कई बार फोन किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। भोर में गांव के लोग निकले तो लीलापुर कला और खुर्द के बीच सड़क से नीचे खेत के पास राकेश पडे़ मिले। उनकी मौत हो चुकी थी। वहीं बाइक भी पड़ी थी। राकेश के मोबाइल से फोन कर लोगों ने उनके घर में खबर दी। परिवार के लोग वहां पहुंचे और शव देख रोने-कलपने लगे।
कुछ देर बाद थानाध्यक्ष अमित मिश्र कई थानों की पुलिस के साथ आ गए।
राकेश के सिर पर हल्की चोट दिखी। बाकी कोई जख्म नहीं था। एसपी गंगापार राजेश श्रीवास्तव भी पहुंचे। मौके पर फोरेंसिक टीम के साथ खोजी कत्ता भी बुलाया गया। शव से कुछ दूरी पर शराब की खाली बोतल, चार प्लास्टिक गिलास, सिगरेट के खोखे पड़े मिले। इससे साफ है कि वहां रात में कुछ लोगों ने बैठकर शराब पी थी। परिवार के लोगों ने आरोप लगाया कि दुश्मनों ने उनकी हत्या की है। राकेश के साथ हरिपुर बींदा तक जाने वाले दयाशंकर ने बताया कि उन्हें रात करीब आठ बजे घर पहुंचाकर राकेश अपने घर के लिए रवाना हो गए थे। यानी रास्ते में घटनास्थल पर उनके ऊपर हमला हुआ था। बेटे जीतेश ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधानी की रंजिश में कत्ल किया गया है। जीतेश की तहरीर पर सगे भाइयों आनंद मिश्रा और कौशलेंद्र मिश्रा तथा सोनू मिश्र और उसके भाई गोल्डू मिश्र के खिलाफ केस लिखा गया है। दरअसल, पिछली बार आनंद प्रधान था। अबकी महिला सीट थी। राकेश के भतीजे अमरेंद्र की पत्नी सोनी ने पूर्व प्रधान आनंद की पत्नी रीता को पराजित कर दिया। इस वजह से आनंद के परिवार ने रंजिश मान ली थी। वैसे भी इन दो परिवारों में तीस साल पहले आनंद के भाई रमेश की हत्या के बाद से ही दुश्मनी बनी है। तीन मार्च को भी कोटेदारी के विवाद में दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ तब एनसीआर लिखी गई थी। पुलिस का कहना है कि छानबीन की जा रही है। अभी आरोपियों को पकड़ा नहीं जा सका है।