इलाहाबाद। छोटा राजन गिरोह से जुड़े शूटर नीरज वाल्मिकी के गुर्गों ने सोमवार रात कैंट इलाके में एक अधिवक्ता के घर जाकर जान से मारने की धमकी देते हुए पांच लाख रुपये रंगदारी मांगी। बदमाशों ने वकील पर फायर भी किया मगर गनीमत रही कि गोली मिस हो गई। बदमाश धमकी देते हुए चले गए। रात में भी अपराधियों ने कई बार दरवाजे पर दस्तक दी। वकील की शिकायत पर कैंट थाने में नामजद मुकदमा लिख जांच की जा रही है।
कैंट इलाके में दयानंद मार्ग निवासी अधिवक्ता राजेश सिंह ने पुलिस को बताया कि सोमवार रात करीब 11 बजे सुभाष सोनी नामक व्यक्ति ने अपने दो साथियों संग आकर गालियां देते हुए घर का दरवाजा खटखटाया। राजेश की तबीयत सही नहीं थी इसलिए उन्होंने अपने साथी गौरव तिवारी को बात करने के लिए बाहर भेजा। गौरव बाहर गए तो सुभाष ने उन्हें कुछ दूर ले जाकर राजेश को गालियां देते हुए कहा कि उसे बता देना कि नीरज वाल्मिकी ने पांच लाख रुपये रंगदारी मांगी है। नीरज को पैसा नहीं पहुंचाया तो ठेकेदार पिंकी गुप्ता और प्रताप सिंह की तरह उन्हें भी मार दिया जाएगा। राजेश बाहर आए तो नशे में धुत सुभाष ने उन पर पिस्टल तानकर फायर किया लेकिन गनीमत रही कि गोली नहीं चली। राजेश के मुताबिक फायर मिस होने के बाद उन्हें और गौरव को अपशब्द कहते हुए सुभाष ने फिर धमकी दी कि नीरज को पांच लाख रुपये नहीं पहुंचाया तो मकान खाली कर देना। सुभाष दोनों अज्ञात लोगों के साथ वहां से चला गया मगर रात में भी कई बार राजेश दरवाजे पर दस्तक दी गई। राजेश ने पुलिस को बताया कि उन्होंने नया मकान बनाया है। हिस्ट्रीशीटर नीरज वाल्मिकी धमकी देकर तमाम व्यापारियों और ठेकेदारों से गुंडा टैक्स वसूलता है। थानाध्यक्ष कैंट बृजेश द्विवेदी ने बताया कि हत्या की कोशिश, जान से मारने की धमकी देकर गुंडा टैक्स मांगने का केस लिखकर आरोपियों की तलाश हो रही है।
प्रताप हत्याकांड में भी नीरज है फरार
इलाहाबाद (ब्यूरो)। झूंसी रेलवे स्टेशन परिसर में तीन महीने पहले ठेकेदार प्रताप सिंह की कार के भीतर गोली मारकर हत्या की वारदात में पुलिस अभी तक नहीं पकड़ सकी है। क्राइम ब्रांच ने इस हत्याकांड में शामिल तीन शूटरों को गिरफ्तार कर दावा किया था कि नीरज ने ही रंगदारी नहीं देने पर प्रताप का कत्ल कराया था। प्रताप तीन साल पहले ठेकेदार पिंकी गुप्ता की हत्या का चश्मदीद गवाह था। वह कत्ल भी नीरज ने किया था।