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चेकिंग के नाम पर जलालत

Fri, 14 Aug 2015 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। सड़क पर निकलिए तो कहीं भी चेकिंग के नाम पर पुलिस के हाथों जलील होने के लिए तैयार रहिए। शहर में फिलहाल पुलिस चेकिंग की यही हकीकत है। काली फिल्म और सीट बेल्ट चेकिंग के नाम पर गाड़ी रोककर पुलिसवाले इस ढंग से बर्ताव करते हैं मानो गाड़ी में आतंकवादी मौजूद हों। भले ही उसमें महिलाएं-बच्चे हों। मगर नेताओं या रौब-दाब वालों की गाड़ी देखकर यही पुलिसवाले आंख मूंद लेते हैं या पुचकारते हुए पेश आते हैं। गाड़ी की जांच और तलाशी के नाम पर पुलिस के अक्खड़ व्यवहार से शहरी परेशान हैं मगर अफसर इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं।
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करीब हफ्ता भर पहले का वाकया है। सुभाष चौराहे पर रात में वाहनों की चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक वैन रोकी जिसमें सुलेमसराय इलाके से एक गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाया जा रहा था। वह दर्द से कराह रही थी। वैन में दो और महिलाएं तथा पुरुष थे। मगर पुलिस का ध्यान महिला के दर्द की बजाय वैन में लगी काली फिल्म पर ही रहा। महिलाएं हाथ जोड़कर गुहार लगाती रहीं कि उन्हें जाने दें लेकिन पुलिसवाले काली फिल्म उतारने और जुर्माना वसूली पर अड़े रहे। आखिरकार वहां जुटे लोगों ने भी विरोध किया तब जाकर पुलिस ने वैन छोड़ी। ऐसे वाकये रोज ही देखने को मिल रहे हैं।

किसी भी चौराहे पर अचानक पुलिस चेकिंग शुरू करेगी और लोगों को बदसलूकी का सामना करना पड़ेगा। खासतौर से काली फिल्म को लेकर पुलिस ने हौव्वा खड़ा कर रखा है। काली फिल्म लगी लग्जरी तथा सत्ताधारी दल का झंडा लगी गाड़ियों को पुलिस रोकने से बचती है लेकिन सामान्य कार-जीप रोककर पुलिस लोगों से ऐसे पेश आती है मानो उन्होंने अनजाने में हल्की काली फिल्म लगाकर बड़ा गुनाह कर दिया हो। बुधवार रात भी सिविल लाइंस में पुलिस ने एक गाड़ी की चेकिंग के दौरान ऐसा बर्ताव किया कि उसमें बैठी महिलाएं और बच्चे उतर गए। एक बच्ची तो डरकर रोने लगी।
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महिलाओं ने खींचतान और बदजुबानी का विरोध भी किया। मगर अफसरों के आदेश का हवाला देकर पुलिसवाले मनमानी करते रहे। लोगों का कहना है कि चेकिंग तो ठीक है लेकिन पुलिस को अपराधियों और आम महिलाओं-बच्चों के साथ बर्ताव मं फर्क तो रखना ही चाहिए।

‘पुलिस को गाड़ियों से काली फिल्म हटाने और सीट बेल्ट के बारे में चेकिंग के लिए आदेश दिया जाता है मगर हिदायत है कि इस दौरान गाड़ी चालक और उसमें बैठे लोगों से बदसलूकी नहीं होनी चाहिए। अगर ऐसे मामले सामने आए हैं तो अब नए सिरे से निर्देश दिया जाएगा।’
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-राजेश यादव, एसपी सिटी
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