शहर पश्चिमी से बसपा विधायक रहे राजूपाल की हत्या की सीबीआई जांच लगभग पूरी हो गई है। आखिरी दौर में मुख्य आरोपी अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ के बयान न होने के कारण जांच रिपोर्ट अधूरी है। सीबीआई अतीक के बयान तो जेल से ले लेगी लेकिन अशरफ का बयान लेने में दिक्कत आ रही है। कई बार तलाशने के बावजूद उनके बयान नहीं हो पा रहे हैं। इन परिस्थितियों में सीबीआई ने अशरफ को नोटिस जारी करने का फैसला लिया है। संकेत मिले हैं कि जुलाई के दूसरे सप्ताह में बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी होगा।
अशरफ के बयान के लिए सीबीआई ने पिछले सप्ताह एक दिन तक इलाहाबाद में इंतजार किया। लेकिन वह नहीं मिला। थाना धूमनगंज पुलिस से मदद मांगी तो एसओ ने हाथ खड़े कर दिए। यह तर्क भी दिया कि उसके गायब होने के कारण हाईकोर्ट का समन तामील नहीं हुआ था। मजबूरी में उसके घर पर नोटिस चस्पा करना पड़ा। इस तर्क के बाद सीबीआई भी नोटिस जारी करके उसका प्रकाशन कराने की तैयारी में है। सीबीआई अफसरों का कहना है कि इस बार अशरफ के बयान के साथ साथ कुछ सवालों के जवाब भी पूछे जाने हैं। उसी के बाद चार्जशीट दाखिल हो सकेगी। अतीक अहमद के बयान को उनके जेल में बंद होने के कारण वहां ले लिए जाएंगे।
पिछले सुप्ताह सीबीआई टीम पांच दिन इलाहाबाद रुकी थी। इन पांच दिनों में घटना स्थल का निरीक्षण करने के साथ -साथ वादी पूजा पाल से भी घटना के बारे में विस्तार से जानकारी की। इस हत्या कांड के मुख्य गवाह उमेश से पांच घंटे तक सीबीआई की ओर से पूछताछ की गई। पुलिस की ओर से सभी पांच विवेचकों में परशुराम सिंह, राजेश चौधरी, वेद प्रकाश राय, सुरेंद्र सिंह तथा नारायण सिंह परिहार से विस्तृत जानकारी की गई है।