इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के 60 छात्र भलाई के फेर में फंस गए हैं। वे गए तो थे एक छात्रा की मदद करने लेकिन अब उलटा फंस गए हैं। थाने में पिटाई करने पर संगीत विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर धर्मपाल की तहरीर पर 60 छात्रों के खिलाफ मारपीट, बदनाम करने का मुकदमा दर्ज हुआ तो पुलिस ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने थाने के सीसीटीवी कैमरे से आधा दर्जन छात्रों को चिह्नित भी कर लिया है। एसओ कर्नलगंज विजय प्रताप सिंह का कहना है कि थाने में बवाल करने वाले छात्रों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। शिक्षक का आरोप है कि उसे ब्लैकमेल करने के लिए वीडियो बनाई गई थी। पुलिस ब्लैकमेलिंग के आरोपों की भी जांच कर रही है।
छात्र बृहस्पतिवार को एसोसिएट प्रोफेसर को कर्नलगंज स्थित उसके घर से पीटते हुए लाए थे। आरोप था कि शिक्षक एक छात्रा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया था। छात्रा ने थाने पर पहुंचकर शिक्षक के खिलाफ छेड़खानी की धारा में मुकदमा दर्ज करवा दिया था लेकिन परिजनों के पहुंचने के बाद वह मुकर गई। उसने पुलिस को लिखकर दिया कि वह शिक्षक को फंसाने के लिए कौशल सिंह, दीप सिंह के कहने पर उसके घर गई थी। छात्रा के लिखित बयान देने के बाद शिक्षक को जमानत पर रिहा कर दिया गया और उसकी तहरीर पर कौशल, दीप समेत 60 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
एसोसिएट प्रोफेसर को फंसाने के आरोप से घिरे कौशल सिंह और दीप सिंह ने पुलिस को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। कौशल ने बताया कि एक छात्रा के शिक्षक के घर में होने की सूचना मिलने के बाद कर्नलगंज पुलिस को उसने कई बार फोन किया था। इसके बावजूद 50 मीटर की दूरी पर स्थित घर पर पुलिस नहीं पहुंची तो उसे दरवाजा खुलवाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
छात्रा की तहरीर पर एसोसिएट प्रोफेसर धर्मपाल के खिलाफ दर्ज मुकदमा अब तक खारिज नहीं हुआ है हालांकि छात्रा का लिखित बयान मिलने के बाद मुकदमे को खारिज करने का निर्देश अफसरों ने दिया है।