एक सिरफिरे ने शनिवार दोपहर सहसों पुलिस चौकी के निकट गोदाम में घुसकर बोरा दुकानदार पर हमला कर लूटपाट की हालांकि उसे दबोचकर पुलिस को सौंप दिया गया। उसने बोरा खरीदने के बहाने दुकान मालिक को गोदाम में बुलाकर पहले चाकू से घातक वार किए फिर पेट्रोल डाल दिया। वह आग लगाने की फिराक में था मगर दुकान मालिक ने उसे दबोच लिया। हमलावर सोने की चेन और और नगदी छीनकर भागने लगा तो दुकान मालिक ने उसे दबोच लिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर इस बाबत पूछताछ की उसने हमले का कारण छेड़खानी बता दी।
सहसों पुलिस चौकी के निकट कसेरुआ कला स्थित कोल्ड स्टोर के बगल में शिवकुमार केसरवानी ने बोरे की दुकान खोल रखी है। शनिवार दोपहर करीब एक बजे वह दुकान में बैठा था तभी थरवई के मलाका मझिगवां गांव का शिवबहादुर पटेल आया। उसने शिवकुमार से बोरा खरीदने की बात की। शिवकुमार उसे दुकान के पीछे गोदाम में ले गया। वहां बोरा देखते समय अचानक शिवबहादुर ने दुकान मालिक शिवकुमार की पीठ पर चाकू से हमला कर दिया। वह मुड़ा तो उसके सीने पर भी चाकू से वार किया। गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान होकर शिवकुमार गिरा तो शिवबहादुर ने शीशी में भरा पेट्रोल उस पर डाल दिया। तीली सुलगाने लगा तो शिवकुमार ने उससे चाकू और माचिस छीन ली।
इस पर वह शिवकुमार के गले से सोने की चेन और जेब से दो हजार रुपये निकालकर बाहर भागा। शिवकुमार भी चीखते हुए बाहर निकला तो लोगों ने घेरकर शिवबहादुर को दबोच लिया। 100 नंबर पर खबर दिए जाने पर पुलिस वहां पहुंची और आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया। उसकी पैशन बाइक भी जब्त कर ली। पूछताछ के दौरान शिवबहादुर ने कहा कि बोरा व्यापारी शिवकुमार ने उसके परिवार की एक युवती के साथ छेड़खानी की थी इसलिए उसने बदला लेने के लिए यह घटना की। मगर व्यापारियों ने कहा कि वह झूठा है। शिवकुमार के बड़े भाई सुधीर ने कहा कि पिछले साल उन्हें भी फूलपुर इलाके में तमंचा सटाकर लूटने की कोशिश की गई थी। खबर पाकर शहर से व्यापारी नेता रमेश अग्रहरि, आशीष केसरवानी, राहुल केसरवानी, चंद्रेश केसरवानी आदि पहुंच गए। उन्होंने सरायइनायत थाने जाकर पुलिस से रिपोर्ट लिखकर गिरफ्तारी को कहा।