अलोपीबाग चुंगी के पास रविवार भोर में गोरखपुर से आ रही सिविल लाइंस डिपो की बस पीछे से एक ट्रक में जा भिड़ी। टक्कर में बस चालक समेत 6 सवारियां गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। सूचना पर दारागंज और जार्जटाउन पुलिस भी आ गई। गंभीर रूप से घायल चालक को एसआरएन अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जख्मी सवारियों को प्रारंभिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने घर भेज दिया। पुलिस ने अनहोनी की खबर चालक के घरवालों को दी तो कोहराम मच गया।
फतेहपुर जिले में धाता निवासी सुरेश सोनकर (30) पुत्र अवधेश कुमार सोनकर रोडवेज में संविदा चालक था। वह झूंसी वर्कशॉप के पास कमरा लेकर रहता था। शनिवार रात सिविल लाइंस डिपो की बस लेकर गोरखपुर से लौट रहा था। रविवार भोर में लगभग साढ़े तीन बजे अलोपीबाग चुंगी के पास तेज रफ्तार बस सामने खड़ी ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी तेज थी कि बस के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और चालक गंभीर रूप से जख्मी हो गया। टक्कर के चलते बस में बैठीं सवारियों में खलबली मच गई। भोर में ज्यादातर सवारियां नींद में थी। अचानक टक्कर के बाद नींद खुली तो दहशत में आ गए। हादसे की सूचना पर पुलिस पहुंची।
गंभीर रूप से जख्मी चालक को एसआरएन लाया गया। जहां रविवार सुबह लगभग छह बजे इलाज के दौरान सुरेश की सांसे थम गई। वहीं जख्मी सवारियों को प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने घर भेज दिया। अनहोनी की खबर पुलिस ने सुरेश के घरवालों को दी तो कोहराम मच गया। सुरेश दो पुत्र और एक पुत्री है। वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके मौत की खबर सुनकर मां सावित्री देवी और पत्नी रेखा अचेत हो गई। पोस्टमार्टम हाउस में चालक के तमाम साथी और विभाग के लोग मौजूद रहे। सुरेश की मौत हर किसी की आंख नम थीं।