चौहान का पूरा गांव में रविवार दोपहर मामूली कहासुनी के बाद एक युवक ने अपने बड़े भाई जवाहर लाल सिंह (46) को मार डाला। उसने भाई के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया। बचाने आए भतीजों पर भी कुल्हाड़ी चलाई। एक भतीजा गंभीर घायल हो गया। फिर लोगों ने आरोपी युवक नन्हेलाल को दबोचकर पीटा जिससे वह भी जख्मी हो गया। मऊआइमा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी युवक के साथ ही प्रधान के दो बेटों पर भी केस लिखा गया है।
चौहान का पूरा गांव निवासी लाला सिंह के चार बेटों में जवाहरलाल दूसरे नंबर पर था। वह खेती कर पत्नी, तीन बेटों और चार बेटियों संग गुजारा करता था। एक बेटा कमल सिंह दिल्ली में नौकरी करता है। जवाहरलाल का छोटा भाई नन्हेलाल कुछ समय पहले सूरत से आया है। पता चला है कि वह सूरत में किसी गंभीर अपराध में गिरफ्तारी के बाद पांच साल तक जेल में बंद था। बड़े भाई जवाहर से उसकी अक्सर खटपट हो जाती थी। सीओ सोरांव आलोक मिश्र के मुताबिक, रविवार दोपहर जवाहर खेत से गेहूं का बोझ उठाकर घर ले जा रहा था तभी नन्हेलाल ने कुछ बोला तो उनके बीच झड़प हो गई। तैश में आकर नन्हेलाल वहां से गया और कुछ देर बाद आकर जवाहर के सिर पर कुल्हाड़ी से प्रहार कर दिया। जवाहर खून से लथपथ होकर गिरा तो उसके बेटे हिमालय और सूबेदार आए मगर नन्हेलाल ने उन पर भी कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हिमालय गंभीर घायल हो गया। सूबेदार को भी चोट पहुंची। फिर गांव वालों ने नन्हेलाल को किसी तरह घेरकर लाठी से पीटा।
प्रधान के भी बेटों पर लिखा गया केस
इसी बीच खबर पाकर मऊआइमा पुलिस भी पहुंच गई। जवाहर की मौत हो चुकी थी। उसके घायल बेटे हिमालय को अस्पताल भेजा गया। जवाहर की पत्नी प्रभावती ने तहरीर दी कि ग्राम प्रधान कलुइया देवी के बेटे भीम सिंह, दारा सिंह, रमाकांत भी नन्हेलाल के साथ हमले में थे। उनके इशारे पर हत्या की गई है। मौके पर एसपी गंगापार मुन्नालाल भी पहुंचे। पुलिस अफसरों को गांव वालों से बातचीत में पता चला कि दोनों भाइयों की पत्नियों में भी अक्सर झगड़ा होता था। अपराधी प्रवृत्ति का नन्हेलाल जरा सी बात पर मरने-मारने पर उतारू हो जाता। पता किया जा रहा है कि वह सूरत में कत्ल की ही घटना में जेल गया था या कोई और वारदात की थी।