शहर में अलग घटनाओं में दो लोगों ने आत्महत्या कर ली। सोहबतियाबाग में रहने वाले फल विक्रेता ने अपनी शादी से दो माह पहले शुक्रवार सुबह तेजाब पीकर जान दे दी। वह आर्थिक तंगी से परेशान था। उधर, करेली इलाके में भी पार्षद के घर में किराए पर रहने वाले व्यक्ति ने फांसी लगा ली। पता चला तो करेली थाने की पुलिस ने शव को दरवाजा तोड़कर निकाला।
सोहबतियाबाग में रहने वाले केसरलाल का पत्र रत्नेश (35) फलों की दुकान लगाता था। 10 जुलाई को उसका ब्याह होना तय था। मगर शुक्रवार सुबह उसने बोतल में भरा तेजाब पी लिया। परिजनों ने देखा तो उसे उठाकर फौरन एसआरएन अस्पताल ले गए। वहां कुछ देर बाद उसकी सांस थम गई। परिवार के लोग इस घटना से गम में डूबे हैं। रत्नेश दो भाई और दो बहनों में बड़ा था। वह फलों की बिक्री से घटती आमदनी से परेशान था। उधर, करेली इलाके में पार्षद नंदा निषाद के घर में आठ साल से किराए पर रहने वाले रमेश यादव (40) ने भी घर के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह मूल रूप से शहर के शाहगंज का रहने वाला था।
उसने शादी नहीं की थी। कपड़ों की फेरी लगाकर वह गुजारा करता था। कुछ अरसा से वह एक महिला और उसके दो बेटों के साथ रहने लगा था। दो दिन से महिला और उसके बेटे कहीं गए थे। बृहस्पतिवार शाम उस महिला का एक बेटा घर आया तो दरवाजा अंदर से बंद था। धक्का देकर दरवाजा खोलने पर रमेश का शव फंदे से लटका मिला। खबर पाकर पहुंची करेली थाने की पुलिस को वहां एक सुसाइड नोट मिला जिसके आधार पर पुलिस का कहना है कि उसने कर्ज और तमाम दिक्कतों के चलते मौत गले लगाई है।