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बेनीगंज में ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद घर में घुसकर हमला

Sun, 02 Aug 2015 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। शहर के बेनीगंज इलाके में शनिवार शाम बदमाशों ने एक घर को घेरकर काफी देर तक ताबड़तोड़ फायरिंग की। फिर घर में घुसकर बुजुर्ग महिला, उनके बेटे और विकलांग पोते पर हमला किया। बेटे को पीटकर लहूलुहान कर दिया। परिजनों को बंदूक और राइफल सटाकर धमकाया गया कि गोली मार दी जाएगी। इस घटना से इलाके में खलबली और दहशत फैल गई। खबर पाकर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन हमलावर फायरिंग करते भाग गए। इस घटना में फरार अपराधी तोता और उसके गुर्गों के शामिल होने का पता चला है। घटना में पूर्व सांसद अतीक अहमद के एकाउंटेंट समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। पुलिस का कहना है कि सुलेमसराय स्थित दो बीघा जमीन के चक्कर में यह घटना की गई है।
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बेनीगंज में रहने वाले जगदीश प्रसाद शुक्ला के घर पर शाम करीब साढ़े पांच बजे स्कार्पियो, सफारी जैसी कई फोर व्हीलर गाड़ियों से दो दर्जन से ज्यादा लोग पहुंचे और फायरिंग करने लगे। काफी देर तक गोलियां चलाने के बाद घर में घुसकर हमला किया। जगदीश प्रसाद, उनकी पत्नी, ठेकेदारी करने वाले पुत्र पुष्पेंद्र को पीटा गया। पुष्पेंद्र को राइफल-बंदूक की बटों से बेरहमी से पीटा गया जिससे वह लहूलुहान हो गए।17 साल के विकलांग पोते ओशो को भी नहीं बख्शा गया। इसी बीच ओशो के पिता कोऑपरेटिव बैंक के सचिव सुनील शुक्ला को फोन से खबर मिली तो उन्होंने कंट्रोल रूम को सूचना दी। फिर  वह खुद घर रवाना हो गए। मगर पुलिस के पहुंचने से पहले ही हूटर की आवाज सुनकर सभी हमलावर गाड़ियों में बैठकर फरार हो गए।

बदमाशों के भागने के बाद आसपास के लोग घरों से निकले। तब तक पुलिस और सुनील भी घर आ गए। इस हमले से परिवार के लोग बेहद सहमे हुए थे। घायल पुष्पेंद्र को निजी हॉस्पिटल ले जाया गया। खुल्दाबाद और करेली थाने की पुलिस वहां पहुंच गई। पुलिस को मकान के बाहर बड़ी संख्या में कारतूसों के खोखे मिले। सुनील शुक्ला ने पुलिस से कहा कि हमले में कसारी-मसारी का अपराधी जुल्फिकार उर्फ तोता और उसके गुर्गे शामिल थे। उन्होंने कहा कि तोता ने एक बाहुबली नेता के इशारे पर ऐसा किया जो सुलेमसराय में उनकी जमीन पर गुंडागर्दी के जबरन कब्जा करना चाहता है।
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इस बारे में सीओ प्रथम समरबहादुर ने बताया कि खुल्दाबाद थाने में सुनील शुक्ला की तहरीर पर मुंडेरा के रामचंद्र केसरवानी, सीताराम शुक्ला, बेनीगंज के अशोक मिश्रा, लालप्रकाश सिंह, राजेंद्र सिंह पटेल उर्फ भोला, इमरान प्रतापगढ़ी, कुख्यात अपराधी जुल्फिकार ऊर्फ तोता और 15-20 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा लिखकर घटना की छानबीन की जा रही है। इसमें अशोक मिश्रा तो सुनील के सगे मामा हैं जबकि सीताराम शुक्ला पूर्व सांसद अतीक अहमद के एकाउंटेंट हैं। फौरी जांच में आबिद और फरहान का भी नाम सामने आया है। इस घटना के पीछे सुलेमसराय इलाके में कई करोड़ रुपये कीमत की दो बीघा जमीन का विवाद सामने आया है। जिसे लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से खींचतान चल रही है। इससे पहले 2012 में भी इसमें मुकदमा लिखा जा चुका है।

इस घटना की रिपोर्ट लिखाने वाले सुनील शुक्ला ने अमर उजाला से कहा कि 27 जुलाई को पूर्व सांसद अतीक  अहमद ने अपने मोबाइल नंबर से उन्हें फोनकर कहा था कि उस जमीन की तरफ जाना भी नहीं। इस बाबत अतीक ने अमर उजाला से फोन पर बातचीत में कहा- हां, मैंने सुनील को फोन किया था क्योंकि दोनों ही पक्ष आपस में रिश्तेदार होने के साथ ही मेरे भी करीबी हैं। मैंने कहा था कि अभी इस जमीन के लिए आपस में न टकराएं। मैं लखनऊ से लौटकर दोनों पक्षों में बात कराऊंगा। आज की घटना के बारे में मुझे भी काफी देर बाद पता चला।
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