इधर पुलिस अधिकारी महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने के दावे कर रहे हैं और उधर यमुनापार के लालापुर इलाके में ग्यारहवीं कक्षा की एक दलित छात्रा को शोहदे की धमकियों की वजह से स्कूल छोड़ना पड़ा। चार माह तक वह स्कूल नहीं गई तो शोहदे ने उसके पिता को फोन पर धमकाया फिर अपने लोगों के साथ घर में घुसकर छात्रा के अपहरण की कोशिश की। भीड़ जुटने पर वह अपने इरादे में कामयाब नहीं हो सका लेकिन धमका गया कि किसी भी दिन छात्रा को उठा ले जाएगा। घबराए परिजनों ने सोमवार को शहर आकर एसएसपी से फरियाद की।
लालापुर के सुजौना गांव के दलित परिवार की 17 वर्षीय रीना (नाम काल्पनिक) ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा है। उसी गांव का बिगडैल युवक पवन उसके लिए मुसीबत बन गया है। स्कूल आते-जाते कई बार उसके साथ छेड़खानी की और बोला कि तुम्हें उठा ले जाऊंगा। घबराकर रीना ने करीब चार माह से स्कूल जाना ही बंद कर दिया। तब भी वह रीना को फोनकर बार-बार धमकियां देता रहा। इस शोहदे के डर से वह परीक्षा में भी नहीं शामिल हो सकी। परिवार के लोग भी बेटी पर खतरे को देखते हुए कुछ नहीं कर सके। होली के रोज भी पवन ने छात्रा रीना के पिता को फोन कर गालियां दी और बोला कि तुम्हारी बेटी का अपहरण करने वाला हूं। मुझे कोई रोक नहीं सकेगा। छात्रा के पिता ने जाकर युवक के घर में बताया तो उसे समझाने की बजाय उल्टा छात्रा के परिजनों पर हमला कर दिया गया। घर में घुसकर छात्रा के परिवार के लोगों को पीटा गया। फिर तमंचा सटाकर रीना को खींचकर ले जाने लगे।
चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जुटे तब छात्रा को छोड़कर आरोपी भागे मगर धमकी दे गए कि जल्द ही उसे अगवा करने के बाद गायब कर दिया जाएगा। छात्रा को लेकर उसके परिजन लालापुर थाने गए मगर पुलिस ने शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। परेशान होकर सोमवार को छात्रा के साथ उसके पिता, दादा समेत कई लोग एसएसपी दफ्तर आकर दुखड़ा रोया। एसएसपी केएस इमेनुएल ने एसओ लालापुर को मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर लिखकर कठोर कार्रवाई का आदेश दिया। मगर छात्रा और उसके परिजन बेहद घबराए हुए हैं।