शहर से करीब बीस किलोमीटर दूर सोरांव इलाके के बड़गांव कलंदरपुर में बुधवार रात घर के बाहर सोते वक्त अपना दल से जुड़ी बीडीसी सदस्य संतोषी पटेल को पति जीतेंद्र पटेल समेत बेरहमी से मार डाला गया। उन दोनों के सिर समेत पूरे शरीर पर नुकीले रम्भे से प्रहार किए गए थे। बृहस्पतिवार सुबह चारपायी पर दोनों के शव देख कोहराम मचा तो भीड़ जुटी। पुलिस अधिकारी और अपना दल समेत कई दलों के नेता आकर मुआवजा तथा गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है जिनसे दंपति की कहासुनी हुई थी। देर रात तक पुलिस और क्राइम ब्रांच की तीन टीम छानबीन में जुटी थी।
मूल रूप से कलंदपुर गांव निवासी जीतेंद्र कुमार पटेल (40) ने कुछ साल पहले पैतृक निवास से करीब तीन सौ मीटर दूर सड़क किनारे दूसरा मकान बना लिया था। तब से पत्नी संतोषी देवी, बेटों नीरज और धीरज के साथ जीतेंद्र नए मकान में ही रहता था। वह खेती के अलावा बिजली मैकेनिक का भी काम करता था। पत्नी संतोषी देवी मऊआइमा ब्लाक की बीडीसी सदस्य चुनी गई थी। वह अपना दल (एस) की सोरांव विधानसभा की मंडल अध्यक्ष भी थीं। दो बेटों में बड़े 16 वर्षीय नीरज का दाखिला इस साल जीआईसी में कक्षा नौ में कराया गया था। वह स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने लगा। छोटा पुत्र धीरज सुजनीपुर गांव स्थित अपनी ननिहाल में रहता है।
बुधवार रात जीतेंद्र और संतोषी घर के पीछे खुले में अलग चारपायी पर सोए थे। बृहस्पतिवार भोर में लोग उधर शौच के लिए गए तो चारपायी पर पति-पत्नी के खून सने शव देख सन्न रह गए। हल्ला मचा तो वहां भीड़ जुटती गई। जीतेंद्र के बड़े भाई बनवारी पटेल समेत रिश्तेदार आ गए। 100 नंबर पर सूचना पाकर पुलिस पहुंची। साढ़े आठ बजे एसएसपी आनंद कुलकर्णी भी आ गए। जीतेंद्र और संतोषी के सिर, चेहरे, सीने पर गहरे जख्म थे जिनसे खून बहकर फैला था। कपड़े और बिस्तर खून से सने थे। चारपायी के निकट करीब डेढ़ फुट का रम्भा पड़ा था। उस पर खून लगा था। रम्भा से ही पति-पत्नी को मारा गया था। खोजी कुत्ता मौके से गंध के पीछे करीब तीन सौ मीटर दूर तक गया। फोरेंसिंक टीम ने भी छानबीन की।
फिंगर प्रिंट तथा खून के नमूने जांच की खातिर लिए। दंपति के दोनों बेटे भी आकर शव से लिपटकर रोने-कलपने लगे। सोरांव के विधायक जमुना प्रसाद सरोज समेत अपना दल के कई नेता तथा बसपा के मंडल कोआर्डिनेटर अजय पासी के भी आने पर लोगों ने मुआवजा, बेटे को नौकरी, पट्टे पर जमीन की मांग करते हुए विरोध शुरू कर दिया। किसी तरह लोगों को मनाकर पुलिस ने शव चीरघर भेजे। देर शाम अपना दल (एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो वहां भी लोग मुआवजा की मांग करने लगे। डीएम और एसएसपी ने आकर मुआवजा, आरोपियों की गिरफ्तारी तथा बेटों की सुरक्षा का भरोसा दिया तब जाकर दंपति के शवों को फाफामऊ घाट पर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।