डा. बंसल हत्याकांड की जांच सीबीआई कर सकती है। सवा दो महीने बीतने के बाद भी पुलिस शहर के सबसे हाई प्रोफाइल मामले में बुरी तरह से नाकाम साबित हुई है। डा. बंसल के परिजन और करीबी इससे बेहद निराश हैं। सरकार बदलने के बाद वे मन बना रहे हैं कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। पुलिस के कई अधिकारियों से उन्होंने इस बात की चर्चा की है।
पुलिस ने डा. बंसल हत्याकांड में जिस तरह का रवैया अपनाया है, उससे तो यही लग रहा है कि यह केस कभी नहीं खुल पाएगा। एसटीएफ इलाहाबाद के अलावा जिला पुलिस, क्राइम ब्रांच और डीजीपी की एक स्पेशल टीम भी शुरूआत से ही हत्याकांड के खुलासे में लगी है लेकिन एक भी ऐसा सुराग नहीं ढूंढ पाई जिससे कातिलों और षड्यंत्रकर्ताओं के गिरेबां पर पुलिस के हाथ पहुंच सके। पुलिस के सामने बंसल के दुश्मनों की पूरी फेहरिस्त है लेकिन अस्पताल के छुटभैये कर्मचारियों के अलावा पुलिस ने न किसी से पूछताछ की और न ही कोई प्रयास किया। डा. बंसल के परिजन और करीबी लोग इन स्थितियों से बेहद निराश हैं। पुलिस अधिकारियों से वे अपनी व्यथा कहते हैं। अब सरकार बदलने के बाद परिजनों ने सीबीआई जांच के लिए अनुरोध करने का मन बनाया है।
हत्याकांड की तफ्तीश से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि परिजनों का कहना है कि वे नई सरकार से इस हत्याकांड के खुलासे से लिए सीबीआई जांच के लिए प्रार्थनापत्र देंगे। अगर वहां उनकी बात नहीं मानी गई तो हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग की जाएगी। एसएसपी शलभ माथुर का कहना है कि सीबीआई जांच के लिए अनुरोध करने का किसी को भी अधिकार है। हालांकि उनसे इस बारे में किसी की कोई बात नहीं हुई है। पुलिस गंभीरता से इस मामले के खुलासे में लगी है।
इन परिस्थितियों में हो सकती है जांच
-प्रदेश सरकार सीबीआई जांच की संस्तुति कर दे।
-हाईकोर्ट सीबीआई को जांच का आदेश दे दे।