कटरा सआदतगंज थाना क्षेत्र में दो बहनों की दुष्कर्म के बाद हत्या और फिर शव पेड़ से लटका देने की घटना में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर बदायूं के स्पेशल जज (पॉक्सो एक्ट) द्वारा पारित आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। घटना के अभियुक्त दुर्वेश उर्फ पप्पू और वादी दोनों ने अलग-अलग याचिकाएं दाखिल करते हुए पॉक्सो कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। इस पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने सीबीआई के वकील को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। याचिका पर 15 फरवरी को सुनवाई होगी।
कटरा सआदतगंज में 27/28 मई की रात चचेरी-तहेरी बहनों की लाशें बाग में आम के पेड़ पर लटकी मिली थीं। लड़कियों के परिवार वालों ने पप्पू यादव, अवधेश यादव, उर्वेश यादव (सगे भाई) समेत कटरा सआदतगंज पुलिस चौकी के सिपाही सर्वेश यादव और छत्रपाल गंगवार के खिलाफ गैंगरेप के बाद हत्या का मामला दर्ज कराया था। घटना की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने 11 दिसंबर 2014 को मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए दावा किया था कि लड़कियों ने खुदकुशी की। उनके साथ गैंगरेप नहीं हुआ था।
सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट ने 28 अक्तूबर 2015 को खारिज करते हुए अभियुक्त दुर्वेश उर्फ पप्पू को तलब कर लिया था। इसके खिलाफ दुर्वेश ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पॉक्सो कोर्ट का आदेश रद्द करने की मांग की है।
सिर्फ एक आरोपी को तलब किए जाने के फैसले को वादी पक्ष ने सीआरपीसी की धारा 397 के तहत हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए क्लोजर रिपोर्ट और स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट के आदेश को चुनौती दी है। उसका कहना है कि पॉक्सो कोर्ट ने सिर्फ एक ही अभियुक्त को तलब किया है, शेष अभियुक्तों को छोड़ दिया गया है। साथ ही अभियुक्त दुर्वेश को बेहद मामूली धाराओं में तलब किया है। उस पर से गंभीर धाराएं हटा ली गई हैं। वादी पक्ष की अर्जी पर सुनवाई के बाद कोर्ट नंबर-53 न्यायामूर्ति रमेश सिन्हा ने बाकी के चार आरोपियों को तलब करते हुए सुनवाई के लिए 15 फरवरी मुकर्रर की है। हाईकोर्ट का यह फैसला सीबीआई को भी झटका माना जा रहा है। सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट में पांचो आरोपियों को क्लीनचिट दे दी थी।