इलाहाबाद। पार्षद राजू शुक्ला के ड्राइवर बबलू तिवारी को भतीजे की हत्या में आरोपियों ने सुलह करने के लिए धमकाया था। सुलह पर राजी न होने पर बबलू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बबलू की पत्नी ने इस मामले में दो नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा लिखाया था। शुक्रवार सुबह क्राइम ब्रांच और कर्नलगंज पुलिस ने घेरेबंदी कर हत्या में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि कर्नलगंज में काटजू बाग कॉलोनी का बबलू तिवारी पार्षद राजू शुक्ला की कार चलाता था। लगभग डेढ़ साल पहले बबलू के भतीजे रिंकू तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बबलू भतीजे की हत्या का मुख्य गवाह और वादी था। इस मामले में बड़ी बगिया के संजय और सोनू को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। रिंकू हत्याकांड में संजय की जमानत तो हो गई थी लेकिन सोनू अभी भी जेल में बंद है।
बबलू ही भतीजे की हत्या के मामले की पैरवी कर रहा था। जिसके चलते हत्यारोपी उससे खुन्नस रखते थे। सोनू के भाई संजय और मोनू लगातार बबलू को मुकदमे में सुलह के लिए दबाव बना रहे थे लेकिन बबलू समझौते के लिए तैयार न था। मंगलवार रात संजय, मोनू अपने दो साथियों के साथ बबलू से बात करने गया था। पार्षद के घर पर बबलू नहीं मिला। रास्ते में ईश्वर शरण पुलिस चौकी के पास पान की दुकान पर बबलू दिखा तो वे रुक गए। उनके बातचीत होने लगी लेकिन बबलू किसी भी सूरत में सुलह को तैयार नहीं था। उनके बीच कहासुनी के बाद झगड़ा होने लगा। इस पर चारों ने बबलू को घेर कर ताबड़तोड़ फायर किए।
बबलू के शरीर में सात गोली लगी थी। इस मामले में बबलू की पत्नी ने संजय, मोनू और दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा लिखाया। क्राइम ब्रांच के इंटेलीजेंस विंग प्रभारी जेपी राय ने सिपाही जुल्कर नैन, अवनीश कुमार, गुलाम शाबिर और एसआई शरद गुप्ता के साथ घेरेबंदी कर शुक्रवार सुबह हत्या में शामिल चार आरोपियों को गल्ला बाजार के पास से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े आरोपियों में संजय और मोनू के अलावा उसके दो साथी कटरा का रवि कुमार पटवा और सोरांव के गोहरी का धर्मेंद्र कुमार हैं। बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, तमंचा और दो बाइक भी बरामद कर ली। एसपी सिटी के मुताबिक धर्मेंद्र और रवि बाइक चला रहे थे।