यमुनापार के मांडा इलाके में बृहस्पतिवार को चचेरे भाई को हाईस्कूल की परीक्षा दिलाकर लौट रहे बीए के छात्र की ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौत हो गई। बेकाबू ट्रैक्टर भी पलट गया। ड्राइवर भाग गया। दुखी और नाराज लोगों ने पहले मांडा और फिर मेजा में छात्र के घर के निकट मिर्जापुर मार्ग पर करीब तीन घंटे तक चक्काजाम किया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर चक्काजाम खत्म कराया।
मेजा में नेवढ़िया सजैला गांव निवासी सूर्यमणि सरोज का पुत्र विकास (18) बीए प्रथम वर्ष का छात्र था। गुरुवार सुबह वह अपने चचेरे भाई अनिल कुमार (16) पुत्र नेब्बूलाल को हाईस्कूल की परीक्षा दिलाने मांडा में बामपुर इंटर कॉलेज ले गया था। परीक्षा समाप्ति के बाद वे दोनों बाइक पर घर लौट रहे थे तभी बभनी गांव के पास मिर्जापुर रोड पर सामने से आ रहे ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। वे दोनों गिरे तो विकास को कुचलने के बाद बेकाबू ट्रैक्टर पलट गया। ड्राइवर भाग गया। आसपास के लोग वहां जुटे तो विकास की मौत हो चुकी थी।
गंभीर घायल अनिल को फौरन अस्पताल ले जाया गया। कुछ देर में परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने वहां चक्काजाम कर दिया। खबर पाकर मांडा और मेजा पुलिस के साथ सीओ राजवीर सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने समझाया तो करीब आधे घंटे बाद परिजनों और ग्रामीणों ने विकास का शव वहां से उठाकर मेजा में नेवढ़िया सजैला गांव के बाहर ऊंचडीह बस स्टॉप के निकट मिर्जापुर मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। सीओ राजवीर सिंह और नायब तहसीलदार के समझाने और मनाने पर करीब ढाई घंटे बाद लोग शांत हुए तो शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। विकास तीन भाइयों में बड़ा था।