जिला न्यायालय में राजू पाल हत्याकांड में गवाहों को धमकाने के मामले में गवाही शुरु हुई है। शनिवार को गवाह कृष्ण कुमार उर्फ उमेश पाल पेश हुए और उनका बयान दर्ज किया गया लेकिन यह पूरा नहीं हो सका। अगली सुनवाई एडीजे राम कुशल की कोर्ट में हुई ।
अभियोजन के एडीजीसी राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि गवाह को धमकाने के मामले में आरोपी पूर्व सांसद अतीक अहमद, अशरफ, खान शौकत हनीफ, आशिक उर्फ मल्ली , दिनेश पासी, जावेद, इसरार, एजाज अख्तर, फरहान और आविद पेश हुए। गवाह उमेश पाल ने अपने खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट निरस्त कराने की अर्जी दी थी जिसकी सुनवाई हुई और कोर्ट वारंट रिकाल कर लिया । अभियोजन ने गवाह उमेश पाल का बयान दर्ज कराया ,जो पूरा नही हो सका और जारी है। मामले में अलग-अलग चार मुकदमें लंबित थे जिसे कोर्ट ने इस आधार पर एक करके सुनवाई का आदेश दिया कि सभी मुकदमें एक ही घटना से संबधित है और गवाही भी एक ही होनी है। सुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक, कोर्ट के बाहर जमे रहे। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
जिला कचहरी के दीवानी और राजस्व मामले के वरिष्ठ अधिवक्ता राममूर्ति त्रिपाठी (70) के निधन पर वकीलों ने दुख जताया है। संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण तिवारी की अध्यक्षता में हुई सभा में दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। अधिवक्ता राममूर्ति काफी दिनों से बीमार थे। शनिवार को दारागंज घाट पर उनकी अंत्येष्टि की गई। मुखाग्नि बड़े बेटे अनिल कुमार त्रिपाठी ने दी। शोक व्यक्त करने वालों में पूर्व अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी, मदन मोहन तिवारी, करुणापति मिश्र, जगदीश त्रिपाठी, सुरेश तिवारी काका, संतोष मिश्र, एसएन गोस्वामी, वीरेंद्र मिश्र, विजय शंकर, अजय कुमार मिश्र चुन्नू, केडी मालवीय आदि शामिल थे।