जीवन ज्योति हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. एके बंसल की हत्या के विरोध में हड़ताल पर गए निजी अस्पतालों के डॉक्टर मंगलवार को दो घंटे की देशव्यापी हड़ताल के बाद काम पर लौट आए। इससे मरीजों को राहत मिली। निजी अस्पतालों में ओपीडी समेत सभी चिकित्सकीय सेवाएं बहाल हो गईं। हालांकि, डॉक्टरों का आक्रोश कम नहीं हुआ है। विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
डॉ. बंसल के कातिलों की गिरफ्तारी के लिए इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) के सदस्य 13 जनवरी से हड़ताल पर थे। दूसरे जिलों में भी कई दिनों तक इसका असर रहा।
मंगलवार को जहां 10 बजे से 12 बजे तक देशव्यापी हड़ताल में सभी डॉक्टर शामिल हुए। हालांकि उसके पहले भी डॉक्टरों ने खुद को काम से विरत रखा। इसके चलते सुबह से ही ओपीडी, इमरजेंसी समेत सेवाएं ठप रहीं। हालांकि, दोपहर 12 बजे के बाद ओपीडी में डॉक्टरों के बैठने से मरीजों को राहत मिली। अस्पतालों की इमरजेंसी में मरीज भर्ती किए गए। सर्जरी हुई। पैथालॉजी और रेडियो डायग्नोसिस सेंटर पर जांच के लिए नमूने जमा किए गए। एएमए अध्यक्ष डॉ. आलोक मिश्रा ने कहा कि देशव्यापी हड़ताल में डॉक्टरों ने जगह-जगह प्रदर्शन करने के साथ ज्ञापन सौंपकर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की है।
काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे डॉक्टर
डॉ. बंसल के हत्यारों की गिरफ्तारी तक डॉक्टरों का आंदोलन जारी रहेगा। एएमए पदाधिकारियों ने मंगलवार शाम बैठक कर डॉ. सुजीत सिंह के नेतृत्व में एक्शन कमेटी का गठन किया। कमेटी इलाहाबाद सिटीजन फोरम के साथ मिलकर आंदोलन की रणनीति बनाएगी। इसके पूर्व डॉक्टरों का प्रतिनिधि मंडल कमिश्नर से मुलाकात करने पहुंचा, लेकिन उनके न होने पर लौट आया। सचिव डॉ. त्रिभुवन सिंह ने कहा कि घटना के संबंध में एएमए का प्रतिनिधि मंडल रोजाना अफसरों से मुलाकात कर स्थिति को जानेगा।
इसके अलावा विरोध स्वरूप बांह में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया जाता रहेगा। शनिवार या रविवार को प्रदर्शन भी हो सकता है। इस पर पदाधिकारियों के साथ बैठक कर निर्णय होगा। बैठक में डॉ. आलोक मिश्रा, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. अनिल शुक्ला, डॉ. शार्दूल सिंह, डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. केडी त्रिपाठी, डॉ. मुकुल पांडेय, डॉ. अशोक त्रिपाठी, डॉ. आशुतोष गुप्ता, डॉ. बीके मिश्रा, डॉ. युगांतर पांडेय, डॉ. सुबोध जैन, डॉ. एके सिंह, डॉ. आशीष टंडन आदि शामिल रहे।