आठवीं की छात्रा से रेप और कत्ल के बाद भीड़ का गुस्सा यूं ही नहीं भड़का था। इसके लिए जार्जटाउन पुलिस का छात्रा के लापता होने के बाद भी बेपरवाह बने रहना प्रमुख कारण है। इतना ही नहीं शव मिलने की सूचना के बाद भी जार्जटाउन पुलिस पहुंची तो लापरवाही छिपाने के लिए छात्रा के परिजनों को बुलाकर शव की शिनाख्त कराने के बजाय आनन-फानन में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने तत्काल फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉयड को भी नहीं बुलाया। पुलिस की इस लापरवाही की वजह से लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। नाराज लोगों की भीड़ ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दुकानें बंद करा दीं। चक्काजाम कर पथराव फिर आगजनी भी की।
पुलिस ने छात्रा का शव मिलने के लगभग दो घंटे बाद फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉयड बुलाया। तब सैकड़ों लोग घटनास्थल पर आ-जा चुके थे। जिसके चलते पुलिस को कुछ खास मदद नहीं मिली। परिजनों का आरोप है कि रात में वे छात्रा को खोज रहे थे तो बख्शी बांध के पास एक युवक संदिग्ध हालत में दिखा। जिसके कपड़े पर खून के धब्बे थे। उसे पकड़कर दारागंज थाने ले जाया गया। उस वक्त भी पुलिस ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
शाम को बच्ची के लापता होने के बाद परिजनों ने काफी देर तक खोजते रहे। आखिरकार थक हारकर जार्जटाउन थाने पहुंचे। पुलिस ने उनसे तहरीर लेकर रख ली लेकिन कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। पुलिस तत्काल सक्रिय होती तो हो सकता है कि बच्ची की जान बच सकती थी। इस लापरवाही के कारण ही पुलिस के खिलाफ गुस्सा भड़क ा। गुस्से का आलम यह रहा कि घटनास्थल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक भीड़ का आक्रोश दिखा। पोस्टमार्टम हाउस में भी पीएसी तैनात की गई थी। पुलिस को आशंका थी कि कहीं भीड़ शव को पोस्टमार्टम हाउस से उठा न ले जाए।
शहर उत्तरी के कांग्रेस विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ने कहा कि यह स्थानीय पुलिस की घोर लापरवाही का नतीजा है। पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी लिखकर कार्रवाई की होती तो बच्ची की जान बच सकती थी। शव मिलने के बाद भी पुलिस ने शिनाख्त और पंचनामा की कार्रवाई के बजाय लापरवाही छिपाने के लिए तत्काल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे।
उन्होंने कहाकि जिस ढंग से छात्रा का रेप के बाद कत्ल किया गया है। उससे आशंका है कि यह मोहल्ले के ही नशेड़ी किस्म के युवकों की करतूत है। इलाके में बड़े पैमाने पर स्मैक की बिक्री की जाती है। पुलिस सब कुछ जानते हुए भी चुप रहती है। जिस जगह बच्ची का शव मिला है कि वहां के खंडहर नुमा मकान में स्मैकियों के जमावड़े के सबूत मिले हैं।
जिस ढंग से शौच के लिए निकली बच्ची का रेप के बाद कत्ल किया गया है। उससे जाहिर है कि इसमें बदमाशों की संख्या से दो से तीन है। पुलिस भी मान रही है कि यह स्मैकियों की करतूत हो सकती है और वे आसपास के ही हो सकते हैं। बच्ची उन्हें पहचान रही थी। जिसके चलते रेप के बाद उसका बेरहमी से मार डाला गया।
आशंका है कि घर से नाले के पास शौच के लिए निकली छात्रा को बदमाशों ने दबोच लिया। उसका मुंह दबाकर अपहरण कर किसी घर में उठा ले गए। वहां बच्ची के दुराचार किया गया। पकड़े जाने के डर से उसकी हत्या कर दी गई। रात में शव को ठिकाने लगाने का मौका नहीं मिला तो दोपहर में कूड़ा गली में सन्नाटा देख आरोपी शव फेंककर भाग निकले। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि बच्ची के गायब होने के बाद जहां शव मिला था, वहां वे लोग सुबह भी छात्रा को खोजने गए थे लेकिन तब वहां शव नहीं दिखा था।
इससे एक बात और साफ है कि हत्यारोपी शव को आसपास के ही किसी घर में छिपा कर रखा था। मौका मिलने पर दोपहर में ही शव फेंककर भाग निकले। स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद मोहल्ले के एक संदिग्ध नाम सामने आ रहा है। जो स्मैक पीने का लती है और वह घर छोड़कर गायब है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस घटनास्थल के करीब कई कमरों में छानबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चला। उधर दारागंज थाने में परिजनों ने जिस युवक को पकड़कर दिया है। उससे भी पुलिस पूछताछ कर रही है। हालांकि प्रारंभिक पूछताछ में उसकी संलिप्तता सामने नहीं आ रही है।
शौच के लिए निकली किशोरी का अपहरण और रेप के बाद धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या हुई है। शरीर के अन्य हिस्सों पर जख्म है। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया है। उससे आशंका है कि किशोरी आरोपियों को पहचान रही थी और वे आसपास के ही हैं। जिसके चलते उसकी हत्या हुई है। यह स्मैकियों की करतूत हो सकती है। मोहल्ले के कुछ संदिग्धों का नाम सामने आ रहा है। वे घर छोड़कर फरार है। उनकी तलाश की जा रही है।---राजेश कुमार यादव एसपी सिटी।