सोरांव इलाके के करौंदी गांव में बृहस्पतिवार शाम घर के भीतर घुसकर सीआरपीएफ के रिटायर्ड सिपाही जबर सिंह यादव (55) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह अपने बेटे के कत्ल की घटना में मुख्य गवाह था। उस घटना के बाद वह अपनी विधवा बहू के साथ उसके मायके के पास मकान बनाकर रहने लगा था। शुक्रवार को उसे जिला अदालत में गवाही देनी थी। आरोप है कि हत्या में जेल से जमानत पर छूटे छोटे पुत्र ने ही अपने चाचा समेत तीन लोगों के साथ आकर अपने पिता को गोलियों से छलनी कर दिया। पुलिस ने दो लोगों को पकड़ लिया है।
थरवई इलाके के चकिया गांव रहने वाले जबर सिंह के दो बेटे थे। बड़ा बेटा कप्तान उर्फ मुन्ना (32) फाफामऊ के इंजीनियरिग कॉलेज में नौकरी करता था। 26 दिसंबर 2014 को वह पिता जबर सिंह के साथ बाइक पर घर लौट रहा था तभी उसे गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। वह बाइक चला रहा था जबकि पिता जबर सिंह पीछे बैठा था। घर के सामने कत्ल किया गया था। उस घटना में जबर सिंह ने अपने छोटे पुत्र कुलदीप यादव, भाई जय सिंह और भतीजे मंजीत के खिलाफ कत्ल का केस लिखाया था। मामला कुछ यूं था कि जय सिंह ने अपनी पहली पत्नी को शक के चलते छोड़ दिया था। उसका आरोप रहा है कि जबर सिंह उसकी पहली पत्नी का साथ देता है।
बड़ा पुत्र कप्तान भी उसके साथ है जबकि छोटा बेटा कुलदीप अपने चाचा का समर्थन करता था। पुलिस ने कप्तान की हत्या में उसके छोटे भाई जबर और चचेरे भाई मंजीत को जेल भेज दिया था। मंजीत अभी जेल में है जबकि कुलदीप कुछ समय पहले जेल से जमानत पर रिहा होकर बाहर आ गया था। बेटे कप्तान की हत्या के बाद वह बहू सुषमा और उसके पांच बच्चों समेत सोरांव के करौंदी में मकान बनाकर रहने लगा था। करौंदी में ही बहू सुषमा का मायका है। बेटे के कत्ल में जबर सिंह मुख्य गवाह था और उसे शुक्रवार को अदालत में गवाही दर्ज करानी थी।
मगर उससे पहले ही जबर सिंह की हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे जबर सिंह घर के दरवाजे पर खड़ा था तभी पल्सर बाइक पर तीन लोग वहां आकर रुके। उनके हाथों में तमंचा देख जबर सिंह घर के भीतर भागा लेकिन बदमाशों ने पीछा कर उस पर फायर कर दिए। जबर सिंह के सीने, पेट, पैर में गोलियां धंसी और वह गिर गया। बदमाश पल्सर पर भाग निकले। सुषमा बाहर निकली तो ससुर जबर सिंह को मृत पड़ा देख चीखने लगी। गोलियों की आवाज सुनकर लोग उधर भागकर आए। खबर पाकर सीओ के साथ दो थानों की फोर्स वहां पहुंची। परिजनों ने आरोप लगाया कि जबर सिंह को उसके छोटे पुत्र कुलदीप ने ही चाचा जय सिंह और आकाश के साथ आकर गोलियों का निशाना बनाया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। छापेमारी में दो लोगों को उठाया गया है।