गन्ना किसानों को उनके बकाए का पूरा भुगतान मिलेगा। इस बात का आश्वासन मंगलवार को किसानों का केस लड़ रहे राष्ट्रीय किसान मजदूर यूनियन के संयोजक वीएम सिंह को हाईकोर्ट में मिला। वीएम सिंह की याचिका पर हुई संक्षिप्त सुनवाई के दौरान अदालत ने जानना चाहा कि उनके पिछले आदेश के क्रम में सरकार ने अब तक कितना भुगतान दिया है। मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश उपाध्याय ने बताया कि प्राइवेट और सहकारी मिलों का मिला कर अब तक 4323 करोड़ रुपये दिया जा चुका है, जबकि कुल बकाया 7898 करोड़ रुपये था। लगभग 3575 करोड़ रुपये अभी भी बकाया है।
मामले की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने याची को भरोसा दिलाया कि वह इस केस की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अदालत के दबाव के कारण किसानोें को इतना भुगतान मिल सका है। भविष्य में भी वह मॉनिटरिंग करते रहेंगे, ताकि पूरा भुगतान मिल सके। याचिका पर दो नवंबर को अगली सुनवाई होगी। पूर्व के आदेश में हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार और चीनी मिलों को सख्त हिदायत दी थी कि जैसे भी हो गन्ना किसानों को उनको बकाया भुगतान किया जाए। यह भी चेतावनी दी थी कि यदि भुगतान नहीं होता है तो मिल मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।