दशाश्वमेध घाट गणेश मंदिर के पास हुई बमबाजी और फायरिंग में महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ के घायल पौत्र अखिलेश त्रिपाठी की एसआरएन अस्पताल में बुधवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने गुरुवार सुबह ही उनके शव का पोस्टमार्टम करा दिया। दोपहर में पुलिस की कड़ी सुरक्षा में दारागंज घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान साहित्यकार और शहर के गणमान्य लोगों की भीड़ ने नम आंखों से उनको अंतिम विदाई दी। दूसरी ओर बुधवार देर रात पुलिस की आधा दर्जन टीमों ने हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की । जिसमें एक नामजद आरोपी को हिरासत में लिए जाने की खबर मिली है। हालांकि पलिस अधिकारियों ने पुष्टि नहीं की है। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई।
एसआरएन अस्पताल की आईसीूयू में इलाज के दौरान अखिलेश निराला की रात दो बजकर 27 मिनट पर मौत हो गई। यह खबर रात में ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। सुबह डाक्टरों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। उसी के बाद थाना दारागंज की पुलिस अखिलेश के शव को उनके घर ले गई। वहां परिवार में दोनों बेटियों तथा परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था ।
थाना दारागंज पुलिस ने परिजनों की ओर से इस घटना में हत्या का एक और मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाई गईं हैं। कुछ संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उम्मीद है कि एक दो-दिन में हत्यारे गिरफ्तार हो जाएंगे। नैनी जेल में पहुंचकर भी पुलिस की टीम ने जांच की। वहां बच्चा महरा और उसके बेटे पिंटू और अरविंद महरा से कड़ी पूछताछ की गई। इन तीनों से पिछले छह महीने के दौरान मुलाकात करने वालों का ब्योरा मुलाकाती रजिस्टर से निकाला गया। जिसमें कई सनसनीखेज जानकारियां मिलीं हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अखिलेश की मौत शक्तिशाली बम विस्फोट होने से हुई है। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों का कहना है कि बम में काफी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ के साथ लोहे के नट थे। बम की वजह से अखिलेेश की रीढ़ की हड्डी पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी थी। उनकी रीढ़ की हड्डी के निचलने हिस्से से ढाई-ढाई सेंटीमीटर के छह नट निकले हैं। मौत का कारण शरीर से अधिक मात्रा में खून का बहना भी है। घायल गगन निषाद और सब्जी विक्रेता महिला अनारा देवी की हालात में सुधार है। गगन निषाद का इलाज प्राइवेट अस्पताल में हो रहा है। जबकि अनारा देवी एसआरएन अस्पताल में भर्ती है।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि दो गुटों की गैंगवार में बेकसूर जान गवांने वाले अखिलेश त्रिपाठी के परिजनों को आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। इस बारे में पुलिस की ओर से डीएम को प्रस्ताव भेजा जाएगा। जिसमें शासन एवं मुख्यमंत्री राहत कोष से उनकी दो बेटियों के भरण-पोषण की व्यवस्था को आर्थिक मदद का अनुरोध किया जाएगा।
शहर के राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने दारागंज में सरेआम बमबाजी और गोलीबारी की निंदा की है। संगठनों का आरोप है कि इस घटना के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार हैं। पुलिस संरक्षण में अवैध खनन हो रहा है और गैंगवार की जानकारी भी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन गैंग को पुलिस थानों के दरोगा और सिपाहियों का संरक्षण है। संगठनों ने आपराधिक घटनाओं और गैंगों से मिले दरोगा और सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस के प्रवक्ता किशोर वार्ष्णेय, प्रदेश महासचिव मुकुंद तिवारी. पार्टी नेता जावेद उर्फी, तारिक सइज अज्जू एसएसपी को पत्र लिखकर विभागीय जांच कराने की भी मांग की है। हत्यारों को गिरफ्तार कर एनएसए लगाने का अनुरोध एसएसपी से किया गया है। अखिलेश निराला दारागंज रामलीला कमेटी के उपाध्यक्ष भी थे। यहां की रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कल्लू यादव ने इस घटना की निंदा की है और हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की है। इनके अलावा जितेंद्र गौड़, तीर्थराज पांडे, स्वामी शिवमंगल दास, फूलचंद्र दुबे, मधु चकहा, हीरा यादव आदि ने दारागंज घाट पर अंतिम संस्कार में शामिल हुए । इन सभी न हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की।