महज 20-22 साल के युवकों ने नवाबगंज के जूड़ापुर में दंपति और दो बेटियों की हत्या में ऐसी बर्बरता की थी, जिसे जानकर पुलिसवाले भी कांप गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इंतकाम की आग में जल रहे नीरज मौर्या और उसकेे दोस्तों ने कविता तथा उसकी छोटी बहन सरिता का बेरहमी से कत्ल करने के बाद गैंगरेप किया था। यानी इन हैवानों ने दोनों बहनों के शवों से बलात्कार किया था। कविता के नाजुक अंग पर भी मूसल से प्रहार किया था। पुलिस अधिकारियों ने भी माना कि दिल्ली के बहुचर्चित निर्भया कांड सरीखी दरिंदगी करते हुए नीरज और उसके साथियों ने हैवानियत में घूमंतू अपराधी गिरोह बावरिया को भी पीछे छोड़ दिया।
23 अप्रैल की रात हुए चर्चित जूड़ापुर हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों लखनपुर करन गांव के नीरज मौर्या, प्रदीप कुमार पटेल, मोहित पाल तथा तुलसीपुर गांव के सत्येंद्र पटेल को पुलिस ने सोमवार को मीडिया के सामने पेश किया। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र नीरज मौर्या और एमए की छात्रा कविता करीब साल भर से पचदेवरा स्थित इंटर कॉलेज में कक्षा आठ तक के बच्चों को पढ़ाने जाते थे।
उनके बीच गहरी दोस्ती हो गई थी। कविता ने अपने घर के पास स्थित एक निजी कंपनी बीएलआर की एजेंट बनकर तमाम लोगों से बाजार से आधी कीमत पर साइकिल दिलाने के लिए पैसे जमा कराए थे। उसने नीरज से भी कहा तो उसने अपने छह रिश्तेदारों से करीब साढ़े सात हजार रुपये जमा कराए। वह कविता पर फिदा था इसलिए उसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहता था। घटना से करीब तीन महीने पहले नीरज को लगा कि कविता उससे मिलने और बात करने से कतराने लगी है। धीरे-धीरे उसके मन में कविता के लिए गुस्सा बढ़ता गया। वह उससे अपने पैसे मांगने लगा। मगर नीरज का आरोप है कि कविता ने उसे अपमानित किया और कहा कि मैं पैसे नहीं लौटाने वाली, तुम्हें जो करना है, कर लो।
कविता से इश्क में नाकामी के बाद पैसे लौटाने की बजाय धमकाए जाने से नीरज बौखला गया। उसके सीने में बदले कीआग जलने लगी हालांकि उसने कविता के सामने गुस्सा नहीं जाहिर किया और रोज स्कूल में पढ़ाने जाता तो उससे मिलता रहा। नीरज ने कुबूला कि उसने घटना से दो दिन पहले ठान लिया कि अब कविता को सबक सिखाकर रहेगा। दरअसल, 21 अप्रैल को उसे कविता ने फोन किया और कहा कि उसका भाई रंजीत प्रतापगढ़ चला गया है। वह कई दिन बाद आएगा। इसलिए नीरज उसे तीन दिन बाद 24 अप्रैल को एमए की परीक्षा दिलाने के लिए बाइक पर लालगोपालगंज ले चले। नीरज को पता चला कि रंजीत घर में नहीं है तो उसने इसे कविता से अपने अपमान का बदला लेने का सही मौका माना और दोस्तों मोहित, सत्येंद्र, प्रदीप से बात की। उन्हें वारदात में मदद के लिए राजी कर लिया।
23 अप्रैल की शाम नीरज अपने घर से दो चाकू लेकर बाइक पर मोहित पाल की बहन की शादी में पहुंचा। वहीं प्रदीप और सत्येंद्र भी मिले। रात में बारातियों और रिश्तेदारों को भोजन कराने के बाद शादी समारोह से नीरज, मोहित, प्रदीप, सत्येंद्र दो बाइक पर करीब एक किलोमीटर दूर स्थित सहावपुर गांव पहुंचे। नशे के लिए आरोपियों ने भोला मुनक्का खाया था। कविता के घर से तीन सौ मीटर पहले एक स्कूल परिसर में दोनों बाइक खड़ी कर दी। फिर कविता के घर के बाहर जाकर रात करीब 11.50 पर नीरज ने पेट्रोल लेने के बहाने उसे फोन किया। दरवाजा खुलते ही नीरज, प्रदीप, सत्येंद्र ने कविता को मुंह दबाकर भीतर खींच लिया।
मोहित बाहर ही खड़ा रहा। उन तीनों घर में रखा मूसल उठाकर जबरदस्त प्रतिरोध कर रही कविता पर कई प्रहार किया जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद तख्त पर सो रहे उसके पिता मक्खनलाल गुप्ता, मां मीरा, छोटी बहन सविता को भी चाकू तथा मूसल से मार डाला। हैवानियत की हद यह कि खून से सने होने के बावजूद नीरज और उसके दो साथियों ने कविता और सविता की लाश से रेप किया। घर के बाहर खडे़ मोहित ने नीरज को टोका भी था कि यह सब क्या किया जा रहा है। मगर तीनों युवकों ने दरिंदगी के बाद कविता के नाजुक अंग पर भी मूसल से वार किया था। फिर आलमारी का लॉक तोड़ा और उसमें कुछ नहीं मिला तो घर से निकल गए।
एसएसपी के अनुसार, नीरज और उसके साथियों के खिलाफ कई वैज्ञानिक सुबूत हैं जिनके जरिए उन्हें अदालत से सजा दिलाई जा सकेगी। नीरज के घर से दोनों चाकू, बाइक तथा खून सने कपड़े बरामद किए गए हैं। कविता के घर से निकलने के बाद वे कुछ दूर पर नहर किनारे गए जहां चाकू और कपड़ों पर खून के धब्बे धुले। फिर नीरज के घर गए जहां बाकी सबने कपड़े बदले। नीरज ने कपड़े धुल दिए थे लेकिन उन पर खून के धब्बे मौजूद हैं। खोजी कुत्ता भी घटनास्थल से चलकर नहर तक गया था जहां चाकू पर खून धुले गए थे। मोबाइल कॉल डिटेल भी सुबूत है जिससे घटना के वक्त उन चारों की सहावपुर में मौजूदगी की पुष्टि होती है। इसके अलावा कविता पर हमले के दौरान चाकू से सत्येंद्र के ही पेट पर चोट पहुंची थी। वह जख्म अब भी उसके पेट पर मौजूद है।
कविता के साथ रिश्ते में तल्खी आने के बाद नीरज ने दूसरी युवती से प्रेम संबंध बना लिया था। उसने घटना से करीब चार रोज पहले प्रेमिका से कहा था कि वह कविता को मार देगा। पुलिस को नीरज की कॉल डिटेल से पता चला कि 23 अप्रैल की रात घटना के बाद उसने प्रेमिका से भोर तक मोबाइल पर बात की थी। पुलिस ने नीरज की प्रेमिका से भी बात की। उसने माना कि नीरज ने कुछ दिन पहले उससे कहा था कि कविता ने धोखा दिया और अपशब्द बोला इसलिए उसे मार डालेगा।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने भी नए उम्र के इन चार युवकों के जघन्य कारनामे पर हैरानी जताते हुए कहा कि यह क्राइम ऑफ पैशन यानी जुनून में किया गया अपराध है। जांच और तमाम लोगों से बातचीत में पता चला कि नीरज उग्र स्वभाव का है। जरा सी बात पर वह मरने-मारने पर आमादा हो जाता था। कविता से रिश्ते में नाकामी और फिर उसकी झिड़कियों ने नीरज के मन में ऐसा गुस्सा भर दिया कि उसने कविता और सविता की हत्या के बाद लाश से बलात्कार कर डाला। इन अपराधियों को पहले ही पकड़ लिया जाना चाहिए था। दरअसल ये चारों युवक खुद को मोहित की बहन की शादी में शामिल बताकर बचते रहे।
शादी समारोह में उनकी मौजूदगी भी साबित हो रही थी। अगर नीरज के मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन चेक करने के दौरान एक कॉल के विश्लेषण में चूक न होती तो वे पहले दबोचा जाता। दरअसल. हत्या के बाद नीरज साथियों संग निकला तो उसकी प्रेमिका बार-बार फोन कर रही थी। रात करीब पौने एक बजे उसने एक कॉल प्रेमिका को की तो उसका टॉवर दूसरा था। मोबाइल की इस दूसरी लोकेशन पर ध्यान देकर पूछताछ होती तो पहले ही हत्याकांड का सही खुलासा हो जाता। एक बार पुलिस ने नीरज को पूछताछ के लिए उठाया था लेकिन उसने अपना सिर दीवार पर मार दिया जिससे उसके सिर पर कील धंस गई और उसे छोड़ना पड़ा था।
मारे गए दंपति के बेटे रंजीत ने इस हत्याकांड में शिवबाबू यादव, भल्लू यादव, नरेंद्र यादव, अजय यादव, नवीन यादव के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वे अब भी जेल में हैं। एसटीएफ ने उन्हें लखनऊ ले जाकर नारको टेस्ट कराया था लेकिन रिपोर्ट निगेटिव रही। अब नीरज और उसके साथियों की घटना में गिरफ्तारी के बाद मुकदमे के विवेचक इंस्पेक्टर नवाबगंज कोर्ट को रिपोर्ट देंगे ताकि आरोपियों को जेल से रिहा किया जाए। एसएसपी ने बताया कि मारे गए दंपति के बेटे रंजीत और बेटी बबिता समेत परिवार के लोगों ने नई गिरफ्तारी पर संतोष जाहिर किया है।
प्रदेश भर में चर्चित इस घटना का सही खुलासा कर चार आरोपियों की गिरफ्तारी पर एडीजी जोन एसएन साबत ने नवाबगंज थाना प्रभारी यशपाल सिंह, उपनिरीक्षक श्रवण कुमार तिवारी, अवधेंद्र तिवारी, संतोष कुमार शुक्ला, हेडकांस्टेबल इंद्रप्रताप सिंह, जयप्रकाश यादव, अबरार अहमद खां, अभिमन्यू सिंह, सुरेंद्र सोनकर, सैयद जियाउल हसन, महेंद्र सिंह, कामरान खां, विनोद दुबे, नवीन राय, विनय राय को 15 हजार रुपये का नगद पुरस्कार देने का ऐलान किया।
(खबर में दोनों बहनों के नाम काल्पनिक हैं)