सुबह करीब नौ बजे कारोबारी का शव पंजाब सीमा के पास खाई से बरामद कर लिया गया।
हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के पुत्र अमन मणि त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को भरी अदालत में दुस्साहस का परिचय देते हुए अपने विपक्षी पैरोकार को धमकी दे डाली। इसकी शिकायत तत्काल मुकदमे की सुनवाई कर रही जस्टिस सुनीता अग्रवाल से की गई। उन्होंने कोर्ट रूम के भीतर धमकी देने की शिकायत को गंभीर और अदालत की अवमानना मानते हुए अमनमणि को आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी कर दिया है। एसपी महाराजगंज को निर्देश दिया है कि छह जुलाई को इस मामले की सुनवाई के दौरान अमनमणि को अदालत के सामने प्रस्तुत करें। कोर्ट ने पैरोकार को सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्देश दिया है।
मामले के अनुसार महाराजगंज के नौतनवा में स्थित दुर्गा ऑयल मिल का एक बंगला अमरमणि त्रिपाठी ने दशकों पहले जिला प्रशासन से अपने नाम एलाट कराया था। बंगला खाली कराने को लेकर मिल मालिकों और अमरमणि के बीच रेंट कंट्रोल का मुकदमा चल रहा था। हाईकोर्ट ने मिल के पक्ष में फैसला दिया और बंगला खाली कराने का निर्देश दिया। इसके बावजूद प्रशासन अमरमणि से बंगला खाली नहीं करा सका तो मिल ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल कर दी। याचिका पर हाईकोर्ट ने महाराजगंज के प्रशासन को नोटिस जारी कर आदेश का पालन करने को कहा।
एडीएम और रेंट कंट्रोल अधिकारी कोर्ट के आदेश की अनुपालन रिपोर्ट लेकर बृहस्पतिवार को कोर्ट में हाजिर हुए। अमनमणि भी कुछ साथियों को लेकर अदालत पहुंचा था। दूसरी ओर से मिल के पैरोकार अब्दुर्रहमान उर्फ साजिद भी आए थे। साजिद का आरोप है कि जैसे ही मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई और वह लोग कोर्ट रूम से बाहर निकलने लगे तभी अमनमणि ने उसे बुरे अंजाम की धमकी दी। अपने साथियों को दिखाते हुए कहा कि ’यही है पहचान लो इसे सबक सिखाना है।’ भरी अदालत पैरोकार को धमकाते देख कोर्ट में मौजूद अधिवक्ता भी हतप्रभ रह गए।
साजिद के वकील राकेश कुमार गुप्त ने तत्काल इसकी शिकायत जस्टिस सुनीता अग्रवाल से की। उन्होंने इसे गंभीर मामला मानते हुए अमनमणि को नोटिस जारी कर दिया है। एसएसपी इलाहाबाद को निर्देश दिया है कि साजिद को सुरक्षित उसके घर तक पहुंचाने का प्रबंध किया जाए। दूसरी ओर साजिद का कहना है कि उनके ऊपर कुछ दिन पहले भी हमला हो चुका है जिसकी तहरीर दी गई। आज दिन में एक संदिग्ध व्यक्ति उनके घर के आसपास घूम रहा था।