सुबह करीब नौ बजे कारोबारी का शव पंजाब सीमा के पास खाई से बरामद कर लिया गया।
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राजू पाल हत्याकांड के गवाह सादिक के अपहरण का आरोप पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके साथियों पर साबित नहीं किया जा सका। लिहाजा कोर्ट ने अतीक अहमद सहित सभी 13 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। यह आदेश एडीजे कमलेश कच्छल ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता राधेश्याम पांडेय को सुनकर दिया है।
अभियोजन के अनुसार मामला करेली थाने का है। राजू पाल हत्याकांड के अहम गवाह सादिक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 20 फरवरी 2006 को बक्शीमोढ़ा में उसके साले एजाज के लड़के का खतना समारोह था। जिसमें वह शामिल था। रात आठ बजे के करीब एसओ राजेश सिंह और अब्दुल सत्तार आए और घर की तलाशी ली।
इसके बाद उसे गाड़ी में बैठा कर सगीर के घर ले गए, जहां अन्य लोगों के साथ पूर्व सांसद अतीक अहमद भी मौजूद थे। इस दौरान उसे मारा-पीटा गया। उसके जेब में रखे 5300 रुपये और निर्वाचन कार्ड निकाल लिया और गवाही देने पर जान से मारने की धमकी दी गई ।
अभियोजन के द्वारा पेश गवाहों ने अभियोजन कथानक का समर्थन नहीं किया। अभियुक्तगण नौशेर अहमद, इमरानउद्दीन उर्फ राजू, सगीर, एखलाक, मुबारक, कादिर, महताब, मकबूल, फरमूद, गुड्डू, मस्तैन और अतीक अहमद पर आरोप साबित नहीं होने के कारण सभी को दोषमुक्त कर दिया है।