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लेखपाल की हत्या में दो शूटर गिरफ्तार

Mon, 12 Oct 2015 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। दो हफ्ते पहले सोरांव इलाके में लेखपाल अखिलेश मौर्या की गोली मारकर हत्या का खुलासा करते हुए क्राइम ब्रांच ने भाड़े के दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। एक शूटर और सुपारी देने वाला प्रापर्टी डीलर पकड़ में नहीं आया है। प्रापर्टी डीलर ने ही एक जमीन के सिलसिले में बात नहीं मानने पर लेखपाल की हत्या के लिए ढाई लाख रुपये की सुपारी दी थी। अब पुलिस को प्रापर्टी और शूटर समेत तीन अपराधियों की तलाश है।
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शहर में शिवकुटी इलाके में रहने वाले लेखपाल अखिलेश मौर्या की तैनाती सोरांव के बरबोली गांव में थी। वह 29 सितंबर की शाम करीब साढ़े छह बजे बाइक पर अपने क्षेत्र से घर लौट रहे थे। तभी इलाहाबाद-फैजाबाद मार्ग पर सराय बाहर गांव के पास बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी थी। अखिलेश को फाफामऊ में निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वह लेखपाल संघ के मंत्री भी थे।

उनकी हत्या पर लेखपालों ने आक्रोश जताते हुए हड़ताल की चेतावनी दी थी। पुलिस पर कातिलों की जल्द गिरफ्तारी का भारी दबाव था। रविवार को क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय ने सोरांव पुलिस के साथ गोहरी के पास घेराबंदी कर घटना अंजाम देने वाले दो बदमाशों को पकड़ लिया। उनके पास 315 बोर का तमंचा और दो कारतूस मिले। एसएसपी केएस इमैनुएल ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों में मनीष तिवारी प्रतापगढ़ में बाघराय इलाके के बारो गांव तथा आकाश भारतीय शहर में प्रीतम नगर कॉलोनी का रहने वाला है। तीसरा बदमाश अजय कनौजिया उर्फ अशरफ फरार है। वह भी धूमनगंज में पोंगहट पुल के पास का रहने वाला है।
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गिरफ्तार दो बदमाशों से पूछताछ में पता चला कि मनीष तिवारी को ढाई लाख रुपये में लेखपाल के कत्ल की सुपारी नवाबगंज इलाके के रामपुर हथिगहां गांव में रहने वाले सूरज मिश्रा ने दी थी। उसने 47 हजार रुपये एडवांस दिए थे। मनीष ने वारदात में धूमनगंज के अजय और आकाश को शामिल किया। घटना वाली शाम ही सूरज ने सोरांव तहसील ले जाकर तीनों बदमाशों को लेखपाल अखिलेश की पहचान कराई थी। फिर सूरज वहां से चला गया। अखिलेश घर को रवाना हुए तो तीनों बदमाश भी यामहा बाइक पर उनके पीछे लग गए। अजय खुद अपनी यामहा बाइक चला रहा था। मनीष बीच में बैठा था। उसने ही लेखपाल के सिर में पीछे से गोली मारी थी।

घटना के बाद तीनों भागकर शहर आए। मनीष कटरा के यादव लॉज में अपने परिचित लड़के साथ टिक गया जबकि आकाश मिर्जापुर भाग गया। अजय कनौजिया नीवां में छिपा रहा। एसएसपी के अनुसार, मनीष ने तमंचा कटरा में रहने वाले पिंटू सिंह से खरीदा था। पिंटू और सुपारी देने वाले सूरज की तलाश हो रही है। सूरज एक जमीन के दाखिल खारिज को लेकर लेखपाल अखिलेश से भन्नाया था। शूटर मनीष उसके साले हिमांशु का दोस्त है। जब उसे लगा कि लेखपाल उसकी बात नहीं मान रहा है तो उसने अपने साले के दोस्त मनीष से संपर्क किया और उसे कत्ल के लिए ढाई लाख रुपये में ठेका दे दिया।

एसएसपी ने लेखपाल हत्याकांड के शूटरों की गिरफ्तारी में शामिल क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय, जुलकर नैन, गुलाम साबिर, नवीन राय, पवन सिंह, अभय सिंह, बालगोविंद पांडेय, संजय सिंह, विनय राय, जीतेंद्र सिंह, हेमू पटेल, अरुण पांडेय आदि को पांच हजार रुपये के पुरस्कार का ऐलान किया साथ ही आईजी जोन से भी ईनाम दिलाने के लिए संस्तुति करने की बात कही है।
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