सरायममरेज इलाके में सोमवार सुबह बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार एलआईसी एजेंट की मौत के बाद बवाल हो गया। गुस्साए लोगों ने बोलेरो रोककर उसमें तोड़फोड़ की फिर शव के पास चक्काजाम कर दिया। करीब पांच घंटे तक चले चक्काजाम और नारेबाजी के दौरान जंघई-हंडिया मार्ग पर दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। सूचना पाकर कई थाने की फोर्स वहां पहुंची मगर लोग नहीं शांत हो रहे थे। आखिर में एसडीएम हंडिया ने मौके पर जाकर लोगों को मुआवजा और कार्रवाएई का भरोसा देकर मनाया तब जाकर शव हटाकर जाम खत्म कराया गया।
सरायममरेज क्षेत्र में शहरी बोझ गांव निवासी दिनेश कुमार (37) पुत्र श्याम लाल एलआईसी में एजेंट के रूप में काम कर परिवार का गुजारा करता था। उसके बेटी की तबीयत बहुत खराब थी। सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे वह सिरसा बाजार में दवा लेने जा रहा था। दिनेश जंघई-हंडिया रोड पर गुजर रहा था तभी हंडिया की तरफ से तेज रफ्तार में आए बोलेरो ने जोरदार टक्कर मार दी। जबरदस्त चोट के कारण दिनेश की वहीं मौत हो गई। घटना के बाद वहां से गुजर रहे लोगों ने बोलेरो घेरकर ड्राइवर को पकड़ लिया। जमकर पिटाई के बाद उसे सरायममरेज थाने की पुलिस को सौंप दिया। घटना की खबर परिजनों को मिली तो घर में कोहराम मच गया।
पत्नी बच्चों का रोते हुए बेहाल हो गए। उधर, शव को सड़क पर रखकर ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। आर्थिक सहायता की मांग करते हुए सिरसा चौराहे पर लोगों ने जाम लगाकर बोलेरों में जमकर तोड़फोड़ की। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। करीब डेढ़ घंटे देरी से पुलिस पहुँची तो लोगों का गुस्सा और भड़क उठा। भीड़ के आक्र ोश को देखते हुए हंडिया, उतरांव, सरायममरेज सहित कई थानों की फोर्स ने मौके पर जाकर स्थिति संभालने की कोशिश की। तब भी ग्रामीण नहीं नहीं माने तो माने तो करीब 11 बजे एसडीएम हंडिया अरूण कुमार ने जाकर लोगों से बात की। उन्होंने कार्रवाई के साथ ही शासन से मृतक परिजनों क ो अर्थिक सहायता दिलाए जाने का भी आश्वासन दिया। तब जाकर लोग शांत हुए और जाम समाप्त हुआ। पांच घंटे चले चक्काजाम से लोगों को भारी मुसीबत झेलनी पड़ी।
सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले एलआईसी एजेंट दिनेश कुमार (37) के दो बेटे और दो बेटियां है। इनमें संजीव कुमार (15), मंजू (12), नीलम (10), राजू कुमार (8 ) शामिल हैं। दिनेश की मौत की खबर उसके घर पहुंची तो परिजन रोने-कलपने लगे। संजीव की पत्नी तारा देवी भी चारों बच्चों के साथ घटनास्थल पर जाकर शव से लिपटकर रोने-कलपने लगी। पत्नी तो रोते हुए कई बार बेसुध हो गई।