थाना क्षेत्र के नीबी भतकार गांव में सोमवार की दोपहर घर के भीतर गर्भवती महिला आग गोला बनकर दौड़ी। महिला की चीख सुनकर पति उसे बचाने के लिए दौड़ा। इस दौरान पति भी झुलस गया। सूचना पर 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची तथा महिला को गंभीर हालत में एसआरएन में भर्ती कराया। हादसे में पति भी झुलस गया है। इस दौरान गांव की बस्ती में काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही।
थाना क्षेत्र के नीबी-भतकार गांव निवासी रामदयाल का बेटा जीतलाल नाविक है। इसी के भरोसे परिवार का भरण-पोषण होता है। 25 वर्षीय पत्नी धिरिजा देवी के अलावां उसे दो बेटियां भी हैं। सोमवार की दोपहर जीतलाल का पत्नी धिरिजा से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। गिरिजा इन दिनों गर्भवती भी है। दो तीन दिनों में उसे डिलेवरी भी होने वाली थी। झगडे़ के बाद पति से नाराज महिला धिरिजा मकान की छत पर पहुंची और अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। गर्भवती गिरिजा छत के ऊपर आग का गोला बनकर दौड़ने लगी। महिला की चीख सुनकर आनन-फानन में पति जीतलाल दौड़ते हुए छत पर पहुंचा।
महिला को आग का गोला बनकर दौड़ते देख वह सन्न रह गया। आग की लपटों से घिरी पत्नी को बचाने के लिए वह आगे बढ़ा। इस दौरान वह भी झुलस गया। सूचना पर 108 एंबुलेंस के ईएमटी संतोष कुमार भारतीया चालक के साथ मौके पर पहुंचे। महिला को गंभीर हालत में एसआरएन में भर्ती कराया गया। हादसे के कारण गांव की बस्ती में काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही। मौके पर ग्रामीण भी भारी संख्या में जुट गए थे। उधर, परिजनों का कहना है कि महिला खाना बनाते चूल्हे की आग से जल गई थी।