अच्युतानंद हत्याकांड
0000000000000000000000
पुलिस के पहुंचने से पहले वाराणसी से भाग निकले आरोपी
कुछ देर के लिए खोला था मोबाइल, फिर कर लिया बंद
सर्विलांस के जरिए लोकेशन मिलने पर पहुंची थी टीम
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इनामी छात्रनेता अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला हत्याकांड के आरोपी घटना के बाद वाराणसी भाग गए थे। वहां कुछ देर के लिए उन्होंने मोबाइल खोला था। सर्विलांस से लोकेशन मिलने पर पुलिस की एक टीम छापा मारने वाराणसी पहुंच गई लेकिन, आरोपी इसके पहले ही वहां से भाग निकले। इसके बाद से उनका कुछ पता नहीं चल सका है।
25 हजार के इनामी अच्युतानंद की 31 अक्तूबर की रात पीसीबी हॉस्टल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप सीएमपी छात्रसंघ अध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी व उसके साथियों हरिकेश मिश्र व सौरभ सिंह उर्फ प्रिंस पर लगा था और तीनों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट हुई है। क्राइम ब्रांच समेत चार टीमें आरोपियों की तलाश में लगी हैं। सूत्रों की मानें तो घटना के कुछ देर बाद ही आरोपियों ने अपना मोबाइल नंबर बंद कर लिया था। हालांकि एक अक्तूबर की रात एक आरोपी ने अपना मोबाइल ऑन किया। पुलिस पहले ही सभी का नंबर सर्विलांस पर लगाए हुए है। मोबाइल ऑन हुआ तो सर्विलांस के जरिए आरोपियों की लोकेशन वाराणसी मिली। हालांकि कुछ देर बाद ही मोबाइल बंद कर दिया गया। इस दौरान पुलिस की एक टीम आरोपियों की तलाश में जौनपुर में थी। लोकेशन मिलने पर रात में ही टीम वाराणसी पहुंच गई। हालांकि उसके पहुंचने से पहले ही आरोपियों को भनक लग गई और वह भाग निकले। इसके बाद से टीम वाराणसी व आसपास के जिलों में सुरागकशी में जुटी है। सूत्रों का कहना है कि बहुत संभावना है कि आरोपी कलकत्ता भाग गए हों। इसलिए क्योंकि दिल्ली जाने वाले रास्तों पर पुलिस पहले से घेराबंदी किए हुए है। दिल्ली जाने के लिए आरोपियों को प्रयागराज होकर जाना पड़ेगा और इसकी बहुत कम संभावना है कि आरोपी इतना बड़ा खतरा उठाएंगे। फिलहाल घटना के चार दिन बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
सोशल मीडिया पर उठने लगी आवाज
उधर अच्युतानंद के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने पर अब छात्रों का धैर्य भी जवाब देने लगा है। सोशल मीडिया पर सुमित के साथी व समर्थक आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन करने की भी चर्चा कर रहे हैं। छात्रों में इस बात की भी चर्चा है कि पुलिस ने हत्यारोपियों को खुद भागने का मौका दिया। अगर घटना के बाद तत्परता दिखाते हुए जिले की सीमाएं सील करा दी जातीं तो आरोपी कभी भी भाग नहीं पाते।