फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ई रिक्शा लुटेरों का गैंग पकड़ा गया

विज्ञापन
विज्ञापन
ई रिक्शा लुटेरों का गैंग पकड़ा गया
विज्ञापन

दर्जनों रिक्शे से बैटरी निकालकर बेच चुके हैं
एक विश्वविद्यालय का छात्र, दो साथी भी पढ़ने वाले
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
धूमनगंज पुलिस ने सोमवार को ई रिक्शा लूटने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। चारों लुटेरों के पास से दो ई रिक्शा समेत तमंचा और दस बम बरामद हुए हैं। गिरोह के लोग सुनसान इलाकों में चालकों को तमंचा दिखाकर रिक्शा लूट लेते थे। उसकी बैटरी निकालकर ई-रिक्शा छोड़ देते थे।
विज्ञापन

धूमनगंज पुलिस को पिछले कुछ समय से उनके क्षेत्र में ई-रिक्शा या फिर रिक्शे की बैटरी लूटने की सूचना मिल रही थी। शिकायतों के बाद पुलिस की एक टीम को लगाया गया। सोमवार को गैस गोदाम काशीराम कालोनी के पास अरविंद कुमार मौर्या उर्फ बबलू निवासी काशीराम योजना, कौशल कुमार निवासी बलिया, कुलदीप सिंह निवासी मंझनपुर कौशांबी और मनीष कुमार निवासी फतेहपुर को गिरफ्तार कर लिया। चारों इस समय काशीराम योजना और झलवा इलाकों में रह रहे थे। अरविंद कुमार गिरोह का सरगना है। उसने गिरोह में विश्वविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ने वाले कुलदीप सिंह और झलवा में इंटर में पढ़ रहे कौशल कुमार को शामिल किया। उन्हीं के साथ रहने वाले मनीष भी साथ में लूट करने लगा। वह फतेहपुर के धाता स्थित एक कालेज से बीए कर रहा है। इंस्पेक्टर धूमनगंज कमलेश कुमार ने बताया कि गिरोह के लोग बस और रेलवे स्टेशन से ई रिक्शा बुक कर धूमनगंज के सुनसान इलाकों में ले जाते थे। वहां पर चालक को तमंचा सटाकर ई रिक्शा की बैटरी या फिर पूरा रिक्शा ही लूट लिया जाता। अरविंद कुमार चारों बैटरी को बेचकर तीनों को दो दो हजार रुपये देता था। पुलिस के मुताबिक गिरोह के पास से दो ई रिक्शा, दस बम, एक तमंचा और एक कारतूस मिला है। उन्होंने जहां बैटरी बेची हैं, उसके बारे में भी पता लगाया जा रहा है। गिरोह के दो और सदस्य फरार हैं। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें