वीआईपी ड्यूटी के लिए शहर पहुंचे ट्रैफिक विभाग के सिपाही की पानी के टैंक में डूबने से मौत हो गई। घटना शनिवार भोर में सिविल लाइंस फायर स्टेशन परिसर में हुई। सिपाही का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही उसके परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। वीआईपी ड्यूटी के लिए शहर में अन्य जनपदों के पुलिसकर्मी भी बुलाए गए हैं। अलीगढ़ में ट्रैफिक पुलिस में तैनात सिपाही विनोद यादव को वीआईपी ड्यूटी में लगाया गया था। वह मूलत: आगरा का रहने वाला था। ड्यूटी के लिए वह शुक्रवार शाम अपने साथी पुलिसकर्मी रामरहीस के साथ शहर पहुंचा। यहां पहुंचने के बाद वह फायर स्टेशन में बनी बैरक में जाकर ठहरा।
शनिवार सुबह छह बजे से उसे ड्यूटी पर जाना था। विनोद भोर में उठा और नित्यकर्म के लिए फायर स्टेशन परिसर में ही बने वाटर टैंक की ओर चला गया। कुछ देर बाद रामरहीस सोकर उठा। बहुत देर तक विनोद वापस नहीं आया तो उसने खोजबीन शुरू की। संतरी से पूछा गया लेकिन वह भी कुछ बता नहीं सका। सिपाही के लापता होने की खबर पर फायर स्टेशन में मौजूद अन्य लोग भी खोजबीन में जुट गए। खोजबीन करते-करते दो घंटे बीत गए। सवा सात बजे के करीब कुछ लोग परिसर में बने मंदिर के पीछे स्थित वाटर टैंक के पास पहुंचे।
इसी दौरान पानी में विनोद का चप्पल उतराते दिखा तो रामरहीस के होश उड़ गए। इसके बाद टैंक में कांटा डालकर तलाश की गई तो विनोद बेसुध पड़ा मिला। सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस पहुंची और उसे एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दौरान वहां मौजूद कुछ फायरकर्मियों ने लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा भी किया। हालांकि पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत करा दिया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। उधर दोपहर बाद घरवाले भी पहुंच गए।
...तो लापरवाही ने ली विनोद की जान
फायर स्टेशन परिसर में हुए हादसे की एक वजह लापरवाही भी रही। सूत्रों की मानें तो पिछले दिनों ढहाए गए भवनों के मलबे को स्टेशन परिसर में ही रखवा दिया गया है। जिससे यहां हादसे का खतरा बना हुआ है। पूरे परिसर में मलबा इधर-उधर बिखरा पड़ा है जिसके चलते बैरकों में रहने वाले 50 से ज्यादा परिवारों पर खतरा मंडरा रहा है। एक फायरकर्मी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 40 फीट गहरे टैंक के आसपास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुआ। उसका आरोप है कि अफसरों की लापरवाही के चलते ही सिपाही की जान गई।