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बिना किसी कारण के चार दिन से पुलिस हिरासत में दो महिलाएं

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मां-बेटी को चार दिन तक बेवजह बिठाए रखा थाने में
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दारागंज थाने का मामला, महज शक के आधार पर कार्रवाई
अफसरों तक पहुंची शिकायत तो आननफानन में छोड़ा गया

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। दारागंज पुलिस की करतूत देखिए। बिना किसी वजह के किशोरी को मां और नाबालिग भाई समेत चार दिन तक थाने में बैठाए रखा। महज शक के चलते उन पर यह कार्रवाई की गई। मामला अफसरों तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। आननफानन में किशोरी और उसकी मां को छोड़ दिया गया। हालांकि देर रात तक किशोर को नहीं छोड़ा गया था।
दारागंज थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में रहने वाली दो बहनें 22 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गईं। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि पीड़ित परिवार ने मोहल्ले में ही रहने वाले एक युवक पर शक जताया। इसके बाद पुलिस युवक के घर पहुंची तो वह नहीं मिला। आरोप है कि इस पर युवक की वृद्ध मां, नाबालिग बहन और भाई को थाने उठा लाया गया। चार दिन तक तीनों को थाने में ही बिठाए रखा गया। मामले में दारागंज इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गायब युवतियों के परिजनों ने हिरासत में लिए गए लोगों पर बेटियों को गायब करने का शक जताया है। इसलिए उन्हें हिरासत में लिया गया। हालांकि महज शक के आधार पर नाबालिगों को थाने में क्यों बैठाया गया, इस सवाल का वह कोई जवाब नहीं दे पाए। उधर मामला अफसरों तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। देर रात किशोरी और उसकी मां को छोड़ दिया गया। हालांकि उसके भाई को खबर लिखे जाने तक बैठाए रखा गया था।
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प्रकरण की जानकारी मिलते ही उन्होंने दारागंज इंस्पेक्टर से बात की। इसके बाद हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया गया।
बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी



गायब युवती ने पहचानने से किया इंकार
खास बात यह कि जिन युवतियों के गायब होने के शक में दारागंज पुलिस ने यह कार्रवाई की, उनमें से एक हिरासत में लिए गए लोगों को पहचानने से ही इंकार कर रही है। युवती का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह यह कहती नजर आ रही है कि वह हिरासत में लिए गए लोगों को नहीं पहचानती।
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