...तो इसलिए फ्रिज, आलमारी व अटैची में डाले शव
पहले बीवी को, फिर बच्चों को उतारा मौत के घाट
बाहर वाले कमरे में मिली मझली बेटी की लाश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। पीपलगांव निवासी मनोज व उसकी पत्नी के बीच आए दिन कलह होने की बात सामने आने पर वजह काफी हद तक स्पष्ट मानी जा रही है। हालांकि सभी की जुबान पर यह सवाल था कि आखिर लाशों को आलमारी, फ्रिज व अटैची में रखने की वजह क्या रही। जांच पड़ताल के बाद यही बात सामने आ रही है कि मनोज ने सोची-समझी प्लानिंग के तहत ऐसा किया।
पिता गुलाबचंद ने बताया कि तीनों बेटों के बीच घर का बंटवारा हो चुका था। सभी के हिस्से में दो-दो कमरे आए थे। मनोज व उसकी पत्नी सुनीता व दो बच्चियों की लाश उसके भीतर वाले कमरे में पाई गई। जबकि मझली बेटी का शव आगे वाले कमरे में मिला। पुलिस अफसरों की मानें तो वारदात को अंजाम देने में किसी तरह का खलल न पड़े, इसके लिए ही सोच-समझकर मनोज ने लाशों को ठिकाने लगाने की कोशिश की। दरअसल मनोज के घर में टीवी आगे वाले कमरे मेें रखा है। पुलिस अफसरों का अनुमान है कि घटना से पहले मनोज ने बच्चों को आगे वाले कमरे में बुलाया और टीवी खोलकर उन्हें उसके सामने बैठा दिया। बच्चे टीवी देखने में व्यस्त हो गए और तभी भीतर वाले कमरे में जाकर मनोज ने सुनीता को मौत के घाट उतार दिया। चूंकि टीवी की आवाज काफी तेज थी, यही वजह रही कि बच्चियों को जरा भी भनक नहीं लगी। इसके बाद उसने शातिराना तरीके से बड़ी बेटी सृष्टि को बुलाया और मारने के बाद उसकी लाश आलमारी में छिपा दी। सृष्टि के आने से पहले ही उसने सुनीता की लाश फ्रिज में छिपा दी थी ताकि वह शोर न मचाए। इसके बाद उसने मझली बेटी शिवानी को बुलाया और उसे मारकर लाश अटैची में छिपा दी। तीन हत्याएं करने के बाद मनोज पूरी तरह बेफिक्र हो चुका था। यही वजह रही कि छोटी सोनू को मारने के लिए उसने उसे भीतर के कमरे में नहीं बुलाया। बल्कि आगे वाले कमरे में, जहां वह टीवी देख रही थी, वहीं जाकर उसे मार डाला। इसके बाद खुद फांसी पर जाकर लटक गया। दरअसल पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा तो सबसे पहले आगे वाले कमरे में ही छोटी सोनू की लाश फर्श पर पड़ी मिली थी। ऐसे में माना जा रहा है कि सोनू की हत्या इसी कमरे में करने के बाद उसने अपनी जान दी।